जुकरबर्ग AI पर कड़े नियंत्रण के खिलाफ, ओपन-सोर्स मॉडल्स का किया समर्थन
मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग को यह बिल्कुल पसंद नहीं कि कुछ बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपने कड़े नियंत्रण में रखें।
हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार और वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित एक लेख में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI पर पाबंदी लगाना नवाचार और अमेरिकी टेक मूल्यों के खिलाफ है।
उनका खास जोर 'इंडिविजुअल एम्पावरमेंट' यानि लोगों को खुद ताकतवर बनाने पर है, बजाय इसके कि सिर्फ कुछ कंपनियां सारे फैसले लें।
ओपन-सोर्स मॉडल पर अलग-अलग राय
AI को ओपन-सोर्स रखने के मुद्दे पर सिलिकॉन वैली 2 हिस्सों में बंटी हुई है। एंथ्रोपिक जैसी कुछ कंपनियां, जहां चिंता जताती हैं कि AI को खुला छोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है, वहीं मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एनवीडिया जैसी कंपनियां मानती हैं कि इसे खुला रखने से नए और बेहतर विचार सामने आते हैं।
जुकरबर्ग के लिए यह सब लोगों को उनकी इस्तेमाल की जाने वाली टेक्नोलॉजी पर ज्यादा विकल्प और नियंत्रण देने के बारे में है।