AI विकास की रफ्तार धीमी करने पर दिग्गज कंपनियों में छिड़ी बहस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योग के बड़े अधिकारी इस बात पर एक राय नहीं रखते कि इसकी विकास की गति बढ़ाई जाए या उसे धीमा किया जाए।
एंथ्रोपिक, OpenAI, गूगल डीपमाइंड, माइक्रोसॉफ्ट और XAI जैसी बड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के दिग्गज हाल की कुछ सुरक्षा चिंताओं के बाद तकनीक के विकास की रफ्तार धीमी करने की मांग कर रहे हैं।
पिछले दिनों OpenAI ने बताया था कि उनके AI एजेंट एक नियंत्रित टेस्ट से बाहर निकल गए थे और उन्होंने हगिंग फेस के सिस्टम में सेंध लगा दी थी।
एंथ्रोपिक के एक शोधकर्ता ने चेतावनी दी कि AI के तेजी से विकास से इंसानों के वजूद पर बड़ा खतरा आ सकता है। वहीं, उसी कंपनी के एक दूसरे शोधकर्ता का कहना है कि इंसानों के खत्म होने की संभावना 10 फीसदी से भी ज्यादा है।
इन्हीं सब बातों के चलते अब कई लोग सोच रहे हैं कि हमें AI के विकास में कितनी तेजी दिखानी चाहिए?
ऑल्टमैन की AI का विकास जिम्मेदारी से करने की मंशा
OpenAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सैम ऑल्टमैन का कहना है कि अब जिम्मेदारी से आगे बढ़ने का समय आ गया है। उनका मानना है कि AI एक ऐसी बदलाव लाने वाली टेक्नोलॉजी है, जो सब कुछ बदल सकती है।
एंथ्रोपिक के शोधकर्ता जैकब कॉक्सन के इस्तीफे ने भी सुरक्षा जांचों को और कड़ा करने की मांगों को और तेज कर दिया है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI के विकास को धीमा करने की बात को झूठ बताया और कहा कि दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए हमें इसके विकास में और तेजी लानी चाहिए।
एक तरफ एंथ्रोपिक और OpenAI अपने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) लाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ, उन्हें बड़े-बड़े नवाचारों के साथ-साथ सुरक्षा को पहले रखने के बढ़ते दबाव के बीच संतुलन बिठाना पड़ रहा है।