लिंक्डइन में वैश्विक स्तर पर प्लेटफॉर्म में बड़े बदलावों की अगुवाई कर रहा भारत
लिंक्डइन ने अपने ग्लोबल सेल्स सॉल्यूशंस (LSS) के रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) का काम अब भारत को सौंप दिया है। इस फैसले से देश अब उसकी वैश्विक योजनाओं के केंद्र में आ गया है।
अब यहां मौजूद टीमें ही LSS से जुड़ा पूरा रिसर्च और डेवलपमेंट संभालेंगी। दुनियाभर के करीब 15 लाख सेलर्स इस LSS टूल का इस्तेमाल अपने ग्राहकों से जुड़ने के लिए करते हैं।
लिंक्डइन इंडिया के कंट्री मैनेजर कुमारेश पट्टाभिरमन ने बताया कि भारत भविष्य में काम करने के वैश्विक तरीकों के लिए एक दिशा-सूचक का काम कर रहा है।
भारत लिंक्डइन पर AI अपनाने में आगे
भारत सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स पर ही काम नहीं कर रहा, बल्कि लिंक्डइन के हायरिंग, लर्निंग और मार्केटिंग टूल्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने में भी सबसे आगे है।
भारतीय यूजर लिंक्डइन लर्निंग का इस्तेमाल वैश्विक औसत से दोगुना करते हैं। उन्होंने भारत की खास समस्याओं को ऐसी वैश्विक अवधारणाओं में बदल दिया है, जो अब दुनियाभर में काम आती हैं। इनमें 'अवेलेबिलिटी टू जॉइन' जैसी अवधारणाएं शामिल हैं।
इसके अलावा, 2020 से अब तक लिंक्डइन का राजस्व दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया है। यही वजह है कि यह उनके सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है।