लैरी एलिसन ने AI के साथ भावनात्मक जुड़ाव को लेकर चेताया
ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन ने लोगों को सतर्क रहने के साथ आभासी बातचीत और वास्तविक मानवीय संबंधों के बीच संतुलन बनाए रखने की चेतावनी दी।
उनके अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स जैसे चैटबॉट और वर्चुअल असिस्टेंट भले ही दोस्ताना लगें, लेकिन असल में उनमें सच्ची सहानुभूति या सही मायने में समझ नहीं होती।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ये डिजिटल असिस्टेंट केवल भावनाओं की नकल कर सकते हैं, असली भावनाएं महसूस नहीं कर सकते।
बातचीत की जगह AI को न लेने की सलाह
एलिसन ने यह चेतावनी ऐसे समय में दी है, जब लोग जुड़ाव के लिए AI का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं और आमने-सामने की बातचीत कम होती जा रही है।
उन्हें इस बात की चिंता है कि इस बदलाव के कारण मजबूत मानवीय रिश्ते और सामाजिक कौशल विकसित कर पाना और भी मुश्किल हो सकता है।
उनकी सलाह है कि तकनीक के फायदों का लाभ जरूर उठाएं, लेकिन असली इंसानों से होने वाली सार्थक बातचीत की जगह AI को न लेने दें।