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NEET: एजेंसियों को शक- प्रोफेसर कुलकर्णी ने रट लिए थे सवाल, संदेह में लातूर का अस्पताल
NEET पेपर लीक में महाराष्ट्र के लातूर का एक अस्पताल संदेह के घेरे में हैं

NEET: एजेंसियों को शक- प्रोफेसर कुलकर्णी ने रट लिए थे सवाल, संदेह में लातूर का अस्पताल

लेखन आबिद खान
May 23, 2026
11:11 am

क्या है खबर?

NEET पेपर लीक की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को शक है कि गिरफ्तार किए गए प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी ने रसायन विज्ञान से जुड़े सवाल रट लिए थे। दरअसल, NEET आयोजित करवाने वाली राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA ने प्रोफेसर कुलकर्णी को पेपर के मराठी अनुवाद का काम सौंपा था। शक है कि इसी दौरान कुलकर्णी ने सवालों का रट्टा मार लिया और बाद में छात्रों को बताए।

रिपोर्ट

अब तक पेपर लीक से जुड़े डिजिटल सबूत नहीं मिले

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जांचकर्ताओं को पेपर लीक से जुड़े कोई डिजिटल सबूत नहीं मिले हैं। इससे ये शक पैदा हो रहा है कि कुलकर्णी ने अनुवाद प्रक्रिया के दौरान पेपर के सवालों को रट लिया था। बाद में इन सवालों को 'विशेष कक्षाओं' में छात्रों को भी रटाया गया। छात्रों को सवालों के साथ विकल्प और सही उत्तर भी बताए गए। असली पेपर में रसायन विज्ञान के 45 में से 43 सवाल वहीं थे, जो 'गेस पेपर' में थे।

अस्पताल

लातूर के एक अस्पताल में बांटे गए प्रश्न

रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसियों का मानना है कि कुलकर्णी ने परीक्षा से करीब 12 दिन पहले महाराष्ट्र के लातूर के एक अस्पताल में खास कक्षाओं के दौरान ये सवाल छात्रों को दिए थे। अस्पताल के एक डॉक्टर ने CBI को बताया कि 21 से 23 अप्रैल के बीच अस्पताल में 2 'विशेष कक्षाएं' आयोजित की गई थीं। इन सत्रों को आयोजित करवाने और कुलकर्णी और परिजनों में डील करवाने को लेकर एक डॉक्टर की भूमिका भी संदिग्ध है।

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कोचिंग

'विशेष कक्षाओं' में शामिल हुआ था गिरफ्तार कोचिंग संचालक का बेटा

CBI ने लातूर से रेनुकाई करियर सेंटर (RCC) नामक कोचिंग के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। CBI ने बताया कि उसे पेपर 23 अप्रैल को मिल गया था। जांचकर्ताओं को शक है कि 21 से 23 अप्रैल के बीच हुई विशेष कक्षा में मोटेगांवकर के बेटे ने भी हिस्सा लिया था। मोटेगांवकर के बेटे ने इस साल NEET की परीक्षा दी थी और उस पर रसायन विज्ञान के सवाल हासिल करने का शक है।

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राशि

3 से 5 लाख रुपये लेकर दिए गए सवाल

जांचकर्ताओं का मानना है कि NEET की तैयारी कर रहे छात्रों के कई परिजनों ने रसायन विज्ञान के सवालों के लिए 3 से 5 लाख रुपये के बीच रकम दी थी। सूत्रों के अनुसार, यह सामग्री कथित तौर पर एक अत्यंत विश्वसनीय 'गेस पेपर' के रूप में बांटी गई थी। आमतौर पर NEET के छात्र गेस पेपर के जरिए तैयारी करते हैं। एजेंसियों को शक न हो इसलिए ये तरीका अपनाया गया।

गिरफ्तारी

अब तक 11 गिरफ्तार

NEET पेपर लीक मामले में CBI ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 राजस्थान के एक ही परिवार के हैं। वहीं, रसायन विज्ञान के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी, जीव विज्ञान की प्रोफेसर मनीषा गुरुनाथ मांधरे और एक अन्य प्रोफेसर मनीषा संजय हवलदार को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों NTA से जुड़े हुए थे। पेपर लीक पर खूब सियासी घमासान भी हो रहा है। विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

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