कामचटका में भूकंप ने शांत ज्वालामुखी को किया सक्रिय, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
रूस के कामचटका प्रायद्वीप में क्राशेनिनिकोव नाम का एक शांत पड़ा ज्वालामुखी 30 जुलाई को आए 8.8 तीव्रता के भूकंप के ठीक 2 दिन बाद अचानक फट गया।
इस भूकंप के कारण दुनियाभर में सुनामी की चेतावनी जारी हुई थी और आस-पास के कई ज्वालामुखी भी सक्रिय हो गए थे। यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर के ज्वालामुखी वैज्ञानिक जेम्स हिक्की के अनुसार, भूकंप के झटकों ने ही ज्वालामुखी के फटने की प्रक्रिया शुरू की थी।
भूकंप की वजह से क्राशेनिनिकोव में जमा हुई गैस
एक नए शोध में पता चला है कि भूकंप ने क्राशेनिनिकोव के मैग्मा रिजर्वायर को हिला दिया, जिससे उसके अंदर धीरे-धीरे गैस जमा होने लगी।
इस दबाव के कारण ज्वालामुखी में एक दरार खुल गई और वह फट गया। इसमें आमतौर पर दिखने वाले चेतावनी के कोई संकेत नहीं मिले, जैसे जमीन का फूलना या अतिरिक्त गैस का बाहर निकलना।
बिना चेतावनी के फट सकते हैं ज्वालामुखी
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह उन इलाकों के लिए एक चेतावनी हो सकती है, जहां भूकंप ज्यादा आते हैं और निष्क्रिय, लेकिन गैस से भरे ज्वालामुखी मौजूद हैं।
अगर, ऐसे इलाकों में कोई बड़ा भूकंप आता है तो ये सुप्त ज्वालामुखी फटने से पहले कोई साफ संकेत नहीं दे सकते। इसलिए, वैज्ञानिकों को भविष्य में इन पर नजर रखने के नए तरीके ढूंढने पड़ सकते हैं।