एंथ्रॉपिक के पूर्व शोधकर्ता ने अनियंत्रित AI को मानव जाति के लिए बताया खतरा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विशेषज्ञ खतरे की घंटी बजा रहे हैं। एंथ्रॉपिक के पूर्व शोधकर्ता जैकब कॉक्सॉन ने चेतावनी दी है कि अगर, AI को बिना किसी नियंत्रण के बढ़ने दिया गया तो इस दशक के आखिर तक मानव जाति का अस्तित्व मिट सकता है।
उनके इन बयानों के बाद AI की तरक्की की रफ्तार धीमी करने और इसे सुरक्षित बनाने की नई मांगें उठने लगी हैं। दूसरी तरफ, चीन इस बहस से सहमत नहीं है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा है, "डर फैलाना, टकराव और बुरी प्रतिस्पर्धा केवल ग्लोबल AI गवर्नेंस की प्रक्रिया को बाधित करेगी और किसी के काम नहीं आएगी।"
क्लाउड के गलत इस्तेमाल का आरोप
ये चिंताएं केवल सैद्धांतिक नहीं हैं, बल्कि हकीकत में भी सामने आ चुकी हैं। एंथ्रॉपिक ने खुलासा किया है कि उसके क्लाउड AI का गलत इस्तेमाल ईरान से जुड़े एक ग्रुप ने मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना के खिलाफ हमले के लक्ष्य तय करने के लिए किया था।
जहां पालेंटिर के सह संस्थापक जो लोंसडेल जैसे कुछ लोग इन आशंकाओं को बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई मानते हैं और AI के साथ एक शानदार भविष्य देखते हैं, वहीं माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सत्य नडेला जैसे अन्य लोग सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।
उनका मानना है कि AI पर इंसानों का पूरा नियंत्रण होना चाहिए। इस शक्तिशाली टेक्नोलॉजी के साथ कितनी तेजी और कितनी सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए, इसे लेकर अमेरिका और चीन के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं।