ISRO कल करेगा 2026 के अंतरिक्ष मिशन की शुरुआत, लॉन्च करेगी निगरानी सेटेलाइट
क्या है खबर?
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) सोमवार (12 जनवरी) को अपने 2026 के मिशन की शुरुआत PSLV-C62 को लॉन्च कर आसमान में एक और इतिहास रचने की तैयारी कर रहा है। यह प्रक्षेपण सुबह 10:17 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के प्रथम लॉन्च पैड से किया जाएगा। इस मिशन के तहत ISRO एडवांस अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-N1 को लॉन्च करेगा, जिसे 'अन्वेषा' नाम दिया गया है। यह अंतरिक्ष से भारत की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाएगा।
सेटेलाइट
पृथ्वी अवलाेकन सेटेलाइट के साथ 13 अन्य उपग्रह होंगे लॉन्च
अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का निर्माण थाईलैंड और ब्रिटेन ने संयुक्त रूप से किया है। लॉन्च होने के बाद यह मिशन 2 घंटे से अधिक समय तक चलेगा। मुख्य पेलोड 'पृथ्वी अवलोकन उपग्रह' 13 अन्य उपग्रहों के साथ 'पिगीबैक मोड' में उड़ान भरेगा। लॉन्चिंग के बाद इन सेटेलाइट को करीब 17 मिनट बाद निर्धारित कक्षा में स्थापित किया जाएगा। भारत का सेटेलाइट पर्यावरण की निगरानी के लिए तैयार किया गया है।
PSLV
PSLV विफलता के बाद करेगा वापसी
ISRO का सबसे भरोसेमंद रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) अपनी पिछली विफलता के बाद वापसी के मिशन पर है। अपने 64वें मिशन पर 260 टन वजनी और 44-मीटर ऊंचा यह रॉकेट भारत निर्मित एक स्पाई सैटेलाइट और कई छोटे सेटेलाइट लॉन्च करेगा। हैदराबाद स्थित भारतीय अंतरिक्ष कंपनी ध्रुवा स्पेस पहली बार 7 सैटेलाइट को लॉन्च करने जा रही है। PSLV अब तक 63 उड़ानें पूरी कर चुका है, जिनमें चंद्रयान-1, मंगल ऑर्बिटर मिशन (मॉम) और आदित्य-L1 मिशन शामिल हैं।