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ISRO के PSLV-C62 मिशन का लॉन्च हुआ असफल, आई तकनीकी समस्या
ISRO ने PSLV-C62 मिशन किया लॉन्च (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ISRO के PSLV-C62 मिशन का लॉन्च हुआ असफल, आई तकनीकी समस्या

Jan 12, 2026
10:48 am

क्या है खबर?

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज PSLV-C62 मिशन को लॉन्च किया, जो असफल हो गया है। इसके तहत कुल 16 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजी गई थी। भारतीय समयानुसार आज सुबह 10:18 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के फर्स्ट लॉन्च पैड से यह लॉन्च किया गया था। ISRO ने पहले ही जानकारी दी थी कि मिशन की तैयारियां पूरी हैं। यह मिशन देश के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से अहम माना जा रहा था।

उद्देश्य

क्या था PSLV-C62 मिशन का उद्देश्य? 

PSLV-C62 मिशन का मुख्य उद्देश्य EOS-N1 सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित करना था। यह एक हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जिसे पर्यावरण से जुड़ी निगरानी के लिए तैयार किया गया है। यह सैटेलाइट पेड़-पौधों की स्थिति, मिट्टी की बनावट, पानी की गुणवत्ता और जलवायु बदलाव से जुड़े डाटा इकट्ठा करता। इससे खेती, आपदा प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती।

पेलोड

मुख्य और सेकेंडरी पेलोड की जानकारी 

इस मिशन में EOS-N1 के साथ कुल 18 सेकेंडरी पेलोड भी भेजे गए थे। इनमें कुछ छोटे सैटेलाइट अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के भी शामिल थे। यह मिशन PSLV रॉकेट की कम लागत और भरोसेमंद क्षमता को एक बार फिर साबित करता है। अब तक PSLV के 60 से ज्यादा मिशन सफल रहे हैं। PSLV-C62 को कोर-अलोन कॉन्फिगरेशन में लॉन्च किया गया था, जो लो अर्थ ऑर्बिट में सैटेलाइट भेजने के लिए उपयुक्त माना जाता है।

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योजना

ISRO की हालिया सफलता और आगे की योजना

ISRO ने हाल के महीनों में कई सफल मिशन पूरे किए हैं। इससे पहले दिसंबर में LVM3 रॉकेट के जरिए एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था। ISRO लगातार भारत की अंतरिक्ष क्षमता को मजबूत कर रहा है। आम लोगों के लिए भी लॉन्च देखने की सुविधा दी जाती है, जिसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। आने वाले समय में ISRO के कई और अहम मिशन लॉन्च होने वाले हैं।

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 MOI-1 

अंतरिक्ष में भेजी गई थी पहली ऑर्बिटल AI इमेज लैबोरेटरी

PSLV-C62 मिशन में शामिल MOI-1 भारत की पहली ऑर्बिटल AI इमेज लैबोरेटरी थी, जिसे हैदराबाद के स्टार्टअप टेकमी2स्पेस और ईऑन स्पेस लैब्स ने मिलकर बनाया है। यह सैटेलाइट पर ही डेटा प्रोसेस करता है, जिससे जानकारी बहुत तेजी से मिलती है। खास बात यह है कि यूजर इसके प्रोसेसर को किराए पर भी ले सकते हैं। वहीं मीरा दुनिया का सबसे हल्का स्पेस टेलीस्कोप है, जो सिर्फ 502 ग्राम का है और मजबूत डिजाइन में तैयार किया गया है।

अन्य

PSLV-C62 बना इंटरनेशनल सैटेलाइट टैक्सी

PSLV-C62 मिशन को ISRO की कमर्शियल इकाई न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड ने एक ग्लोबल राइडशेयर की तरह तैयार किया है। इस मिशन में नेपाल का मुनाल सैटेलाइट भी शामिल था, जो वहां की भौगोलिक जानकारी जुटाता। इसके साथ ही स्पेन का 25 किलो का केस्ट्रेल कैप्सूल भी भेजा गया था, जो नई तकनीक का परीक्षण करता। भारत अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग का बड़ा केंद्र बन रहा है।

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