ISRO के सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का हॉट-टेस्ट सफल, LVM3 अब अंतरिक्ष में भेजेगा ज्यादा पेलोड
टेक्नोलॉजी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 24 जून को तमिलनाडु में अपने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का हॉट-टेस्ट करके एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।
इस परीक्षण में इंजन ने 175 टन थ्रस्ट पैदा किया, जो तय लक्ष्य का करीब 88 फीसदी है। इसका मतलब है कि अब ISRO का LVM3 रॉकेट अंतरिक्ष में पहले से भी ज्यादा भारी पेलोड ले जाने में सक्षम हो जाएगा।
SC120 लेगा LVM3 के कोर स्टेज की जगह लेगा
यह इस सीरीज का 8वां बड़ा परीक्षण था और यह बेहद सफल रहा। इस कामयाबी से उत्साहित ISRO को अब 200 टन के पूरे थ्रस्ट वाले प्रदर्शन का पूरा भरोसा है।
नया SC120 इंजन, जो लिक्विड ऑक्सीजन और केरोसिन पर चलता है, LVM3 के कोर स्टेज की जगह लेगा। यह एक उन्नत अपर स्टेज के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे भविष्य के लॉन्च और भी शक्तिशाली और प्रभावी बन सकेंगे।