इंटेल की करीब 3,800 करोड़ रुपये की मशीन गैजेट्स के लिए बनाएगी परमाणु जितने छोटे चिप्स
इंटेल अपने अगली जनरेशन के पैंथर लेक लैपटॉप प्रोसेसर को और भी छोटा और बेहतर बनाने के लिए ASML की हाई-NA EUV लिथोग्राफी मशीन का इस्तेमाल कर रही है।
इस मशीन को 2024 में इंटेल की ओरेगन स्थित फैक्ट्री में पहुंचाया गया था। यह तकनीक लगभग परमाणु के आकार के फीचर्स प्रिंट कर सकती है, जिससे भविष्य के गैजेट्स के लिए छोटे और तेज चिप्स बन पाएंगे।
यह कदम इंटेल और ASML के बीच एक साझेदारी का हिस्सा है, जिसका मकसद यह जानना है कि करीब 40 करोड़ डॉलर (करीब 3,800 करोड़ रुपये) की यह महंगी मशीन वास्तविक चिप उत्पादन में कितनी कारगर साबित होती है।
18A परतों पर हाई-NA का परीक्षण
हाई-NA टूल का परीक्षण नए चिप्स की कुछ खास परतों पर किया जा रहा है। ये परतें इंटेल की एडवांस 18A प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसमें पहले से ही मानक EUV मशीनों का इस्तेमाल होता है।
यह काम भले ही काफी पेचीदा और महंगा हो, लेकिन इसे कुशलता से इस्तेमाल करना सीखने पर भविष्य में आपके लैपटॉप और गैजेट्स में बेहतर परफॉर्मेंस मिल सकती है। दोनों कंपनियां मिलकर डाटा इकट्ठा कर रही हैं और इस टूल को बेहतर बनाने में जुटी हैं।