सोनम वांगचुक से शबाना आजमी की अपील- लड़ाई लंबी है और देश को आपकी जरूरत है
क्या है खबर?
दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की अपील की है। शबाना ने वांगचुक के आंदोलन का समर्थन तो किया, लेकिन उनकी गिरती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनसे आग्रह किया कि वो अपनी भूख हड़ताल को समाप्त करें, क्योंकि देश को उनकी जरूरत है। शबाना ने वांगचुक से उनकी सेहत का ख्याल रखने का अनुरोध किया। क्या बाेलीं शबाना, आइए जानते हैं।
अपील
शबाना ने सोनम वांगचुक से लगाई गुहार
शबाना ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है।
वांगचुक 28 जून से दिल्ली के इस आंदोलन में शामिल हैं, जो 20 जून से चल रहा है। प्रदर्शनकारी नीट (NEET) परीक्षा गड़बड़ी को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
साथ ही पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की भी मांग की जा रही है।
गर्व
आप नाइंसाफी के खिलाफ खड़े हैं, हमें गर्व है- शबाना
शबाना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक संदेश साझा कर वांगचुक से आगे की लंबी लड़ाई के लिए अपनी सेहत को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
उन्होंने लिखा, 'प्रिय सोनम वांगचुक, आप जैसे व्यक्ति की हमारे देश को बहुत जरूरत है। आप नाइंसाफी के खिलाफ खड़े हैं, सच के लिए खड़े हैं और हमें आप पर गर्व है। कृपया अपना अनशन समाप्त करें।'
शबाना की ये भावुक अपील सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
चिंता
शबाना ने कहा- छात्रों के हक की लड़ाई के लिए आपका स्वस्थ रहना जरूरी
शबाना ने देशभर के आंदोलनकारी छात्रों के लिए सोनम वांगचुक के निरंतर मार्गदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने आगे लिखा, 'इसलिए हम आपसे बिनती करते हैं कि आप अपना अनशन अब खत्म कर दें, क्योंकि हमारे विद्यार्थियों के लिए आपका मार्गदर्शन उनका हौसला बढ़ाता है।'
शबाना ने इस बात पर विशेष बल दिया कि छात्रों को उनके हक की लड़ाई में आगे भी वांगचुक के नेतृत्व और संबल की जरूरत रहेगी।
अनशन
NEET धांधली के खिलाफ 28 जून से अनशन पर सोनम वांगचुक
शबाना ने आगे लिखा, 'ये लड़ाई आगे तक लड़नी है, इसलिए आपका सेहतमंद रहना जरूरी है। हम आपके साथ हैं।'
वांगचुक NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली के विरोध में 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक विवाद के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग को लेकर इस अनशन में शामिल हुए हैं।