सरकार ने AI की नई साइबर चुनौती को लेकर सुरक्षा को मजबूत बनाने के दिए निर्देश
भारत का प्रौद्योगिकी मंत्रालय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पैदा होने वाले साइबर जोखिमों की नई लहर के बारे में आगाह कर रहा है।
हाल ही में एक पत्र जारी करके इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सरकारी विभागों से अपनी साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने को कहा है।
ऐसा इसलिए क्योंकि जनरेटिव AI और ऑटोनॉमस बॉट्स जैसे टूल्स अब साइबर हमलों को ज्यादा चालाक और तेज बना रहे हैं। मंत्रालय ने सिर्फ समय-समय पर सुरक्षा जांचने के बजाय लगातार निगरानी करने और समस्याओं को तुरंत ठीक करने पर जोर दिया है।
कमजोरियों को 12 घंटे के अंदर सुधार करने को कहा
MeitY ने कहा है कि इंटरनेट से जुड़े ऐसे 'क्राउन-ज्वेल' सिस्टम, जिनमें ज्ञात कमजोरियां हैं और जिनका फायदा उठाया गया है, उन्हें 12 घंटे के भीतर ठीक किया जाए। खास तौर पर, गंभीर बाहरी कमजोरियों को एक दिन के अंदर पैच करने का निर्देश दिया गया है। मंत्रालय ने तकनीकी कंपनियों और डिवाइस बनाने वाली कंपनियों से भी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) के हालिया दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।
इनमें नियमित सुरक्षा जांच करना, सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड्स को अपडेट रखना, बड़ी कमजोरियों की जानकारी तुरंत साझा करना और पैच जल्दी जारी करना शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य AI की वजह से लगातार एडवांस हो रहे साइबर खतरों से हमेशा एक कदम आगे रहना है।