सरकार कर रही इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण कंटेंट को बढ़ावा देने वाले आरोपों की जांच
BBC की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) मेटा पर गंभीरता से नजर रखे हुए है।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इंस्टाग्राम पर 'रेप वीडियो' और 'चाइल्ड वीडियो' जैसे शब्दों वाले विज्ञापन दिखाई दे रहे थे। ये विज्ञापन यूजर्स को गैर-कानूनी टेलीग्राम चैनलों तक पहुंचा रहे थे। MeitY ने मेटा को इन विज्ञापनों को तुरंत हटाने का आदेश दिया है और यह बताने को कहा है कि आखिर ये विज्ञापन उनके सिस्टम से कैसे प्रसारित हो गए। इस मामले में जवाब देने के लिए उसको 11 जुलाई तक का समय दिया गया है।
कंपनी ने संदिग्ध कंटेंट रोकने के किए प्रयास
मेटा का दावा है कि उनका इरादा जानबूझकर किसी भी यूजर को इस तरह का हानिकारक कंटेंट दिखाना नहीं था। वे ऐसी संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए अपनी तकनीकी प्रणालियों पर निर्भर रहते हैं। पिछले साल, उसने दुनियाभर से 40 लाख से ज्यादा अकाउंट्स और बाल शोषण से जुड़े 3.6 करोड़ से ज्यादा कंटेंट हटाए थे, लेकिन कंपनी यह भी मानती है कि अपराधी हमेशा उनके सिस्टम को चकमा देने के नए तरीके खोज लेते हैं।
अब MeitY इस बात की समीक्षा कर रहा है कि मेटा के ये प्रयास पर्याप्त हैं या फिर उन्हें और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।