ISRO के आदित्य-L1 सौर मिशन की एक साल की खोज पूरी
आदित्य-L1 ने सूरज की निगरानी करते हुए अपना एक साल का सफर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस दौरान उसने खास तौर पर सूरज के निचले वायुमंडल और सौर ज्वालाओं (सोलर फ्लेयर्स) पर नजर रखी।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इसे सितंबर, 2023 में अंतरिक्ष में भेजा था। तब से यह सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (SUIT) का इस्तेमाल कर रहा है।
SUIT सूरज की बारीक तस्वीरें खींच रहा है, जिससे वैज्ञानिकों को अपने सबसे करीबी तारे पर हो रही घटनाओं को समझने में आसानी हो रही है।
अंतरिक्ष मौसम के प्रभावों पर नजर रखने में मददगार
6 जनवरी, 2024 से आदित्य-L1 पृथ्वी और सूरज के बीच एक ऐसी खास जगह पर तैनात है, जहां से वह लगातार 24 घंटे सौर गतिविधियों पर नजर रख सकता है।
SUIT से जो डाटा मिल रहा है, उससे वैज्ञानिक यह समझने लगे हैं कि सूरज, पृथ्वी पर मौजूद सैटेलाइट, कम्युनिकेशन नेटवर्क और पावर सिस्टम को किस तरह प्रभावित करता है।
इस मिशन की योजना अगले 5 सालों तक सूरज पर नजर रखने की है। इससे सौर गतिविधियों और अंतरिक्ष के मौसम पर उनके असर को समझने में और भी सुधार होगा।
यह जानकारी उन सभी के लिए दिलचस्प है, जो टेक्नोलॉजी पसंद करते हैं या जानना चाहते हैं कि अंतरिक्ष का हमारे रोजमर्रा के जीवन पर क्या असर पड़ता है।