हाथियों की सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे ने लॉन्च किया गजराज सुरक्षा सिस्टम
भारतीय रेल वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। उसने 'गजराज सुरक्षा' नाम का एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम शुरू किया है, जो ऑप्टिकल फाइबर केबल की मदद से पटरियों के पास हाथियों को पहचान लेता है।
जैसे ही सिस्टम को कोई हाथी नजर आता है, वह तुरंत स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दे देता है। इससे ट्रेन की रफ्तार कम की जा सकती है या उसे रोका जा सकता है, जिससे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।
99.5 फीसदी की सटीकता के दावे के साथ यह सुरक्षा के साथ-साथ हाथियों के संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम है।
700 किलोमीटर तक फैलेगा सिस्टम
यह सिस्टम पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, केरलम और तमिलनाडु जैसे राज्यों की 700 किलोमीटर लंबी रेल पटरियों पर लगाया जाएगा। ये पटरियां हाथियों के मुख्य रास्तों से होकर गुजरती हैं।
यह पहले से ही पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे जोन में 70 किलोमीटर के हिस्से पर काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में 181 करोड़ रुपये का खर्च आया है और इसमें मौजूदा ढांचे का ही इस्तेमाल किया गया है।
इसका मुख्य मकसद हाथियों की बढ़ती मौतों को रोकना है क्योंकि पिछले 10 सालों में ट्रेन हादसों में करीब 200 हाथियों की जान गई है। साथ ही, इससे ट्रेनों की सुरक्षा भी पक्की होगी।