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भारतीय मूल के अमेरिकी साइबर सुरक्षा एजेंसी प्रमुख ने ChatGPT पर साझा किए संवेदनशील दस्तावेज
अमेरिकी साइबर सुरक्षा एजेंसी प्रमुख ने ChatGPT पर साझा किए संवेदनशील दस्तावेज

भारतीय मूल के अमेरिकी साइबर सुरक्षा एजेंसी प्रमुख ने ChatGPT पर साझा किए संवेदनशील दस्तावेज

Jan 29, 2026
09:54 am

क्या है खबर?

भारतीय मूल के एक अमेरिकी साइबर एजेंसी प्रमुख मधु गोट्टुमुक्कला ने OpenAI के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ChatGPT पर संवेदनशील दस्तावेज साझा कर दिया है। पोलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला वॉशिंगटन के साइबर सुरक्षा में चर्चा का विषय बन गया है। बताया गया है कि सरकारी नेटवर्क की सुरक्षा से जुड़े कुछ आंतरिक कागजात ChatGPT के पब्लिक वर्जन पर अपलोड किए गए, जिससे सुरक्षा अलर्ट और आंतरिक जांच शुरू हो गई।

परिचय

कौन हैं मधु गोट्टुमुक्कला?

गोट्टुमुक्कला अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) के एक्टिंग डायरेक्टर हैं। वह अमेरिकी सरकारी नेटवर्क को विदेशी साइबर हमलों, हैकिंग और डिजिटल जासूसी से बचाने की जिम्मेदारी संभालते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बीते साल गर्मियों में काम से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट और साइबर सुरक्षा से संबंधित कुछ सामग्री एक AI प्लेटफॉर्म पर साझा की थी। ये दस्तावेज क्लासिफाइड नहीं थे, लेकिन केवल आधिकारिक इस्तेमाल के लिए चिन्हित और सीमित माने जाते थे।

करियर

शैक्षणिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड

गोट्टुमुक्कला के पास सूचना प्रणाली में पीएचडी की डिग्री है और वह तकनीकी मामलों के जानकार माने जाते हैं। उन्होंने अमेरिका की अलग-अलग यूनिवर्सिटीज से कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी से जुड़ी उच्च शिक्षा हासिल की है। वह रूस और चीन जैसे देशों से जुड़े साइबर खतरों, डिजिटल हमलों और नेटवर्क सुरक्षा से निपटने के काम में अनुभवी माने जाते हैं। उनकी भूमिका काफी संवेदनशील मानी जाती है, क्योंकि वह सीधे तौर पर फेडरल सिस्टम्स से जुड़े हुए हैं।

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जांच

जांच, सफाई और विवाद

घटना के बाद अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने इस मामले में एक आंतरिक समीक्षा और जांच प्रक्रिया शुरू की। एजेंसी का कहना है कि गोट्टुमुक्कला को सीमित समय और विशेष अनुमति के तहत ChatGPT इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई थी। CISA ने दावा किया कि इस घटना से किसी तरह का बड़ा नुकसान या सिस्टम से समझौता नहीं हुआ है। हालांकि, ChatGPT के पब्लिक वर्जन पर डाले गए डाटा के स्टोर होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।

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