AI तैयारी पर IMF की रैंकिंग से असहमत भारत, अश्विनी वैष्णव ने उठाए सवाल
क्या है खबर?
विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में देशों की तैयारी को लेकर रैंकिंग सूची जारी की है। इस सूची में भारत को दूसरे ग्रुप में रखा गया है, जिस पर केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि भारत AI के लिए पूरी तरह तैयार है और उसे पहले ग्रुप में रखा जाना चाहिए, क्योंकि देश लगातार तकनीक, डिजिटल सेवाओं और इनोवेशन की क्षमता को मजबूत कर रहा है।
मानक
IMF ने कैसे तय की AI तैयारी?
WEF के मंच पर IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने "इंडेक्स ऑफ प्रिपेयर्डनेस" की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस इंडेक्स से यह आंका जाता है कि कोई देश AI के लिए कितना तैयार है। IMF इस आकलन में फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, कामगारों की स्किल, अर्थव्यवस्था में AI का इस्तेमाल, नियम-कानून और नैतिक ढांचे जैसे चार मुख्य पैमानों को आधार बनाता है, ताकि देशों की वास्तविक स्थिति को समझा जा सके।
जवाब
वैष्णव का जवाब- भारत पहले ग्रुप में
केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि भारत को दूसरे ग्रुप में रखना सही नहीं है। उन्होंने बताया कि AI आर्किटेक्चर की पांच लेयर होती हैं, जिनमें एप्लीकेशन, मॉडल, चिप, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी शामिल हैं। मंत्री के अनुसार भारत इन सभी स्तरों पर लगातार काम कर रहा है और अच्छी प्रगति कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी और निजी दोनों सेक्टर मिलकर AI को आगे बढ़ा रहे हैं।
रणनीति
छोटे मॉडल और भारत की रणनीति
मंत्री ने कहा कि भारत बहुत बड़े AI मॉडल बनाने के बजाय छोटे और ज्यादा असरदार मॉडल पर ध्यान दे रहा है। उनका मानना है कि अधिकतर काम 20 से 50 अरब पैरामीटर वाले मॉडल से किया जा सकता है। ऐसे मॉडल कई सेक्टर में पहले से इस्तेमाल हो रहे हैं। IMF की रैंकिंग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि स्टैनफोर्ड जैसी संस्थाओं ने AI टैलेंट और तैयारी में भारत को शीर्ष देशों में माना है।
देश
AI रैंकिंग में कौन-कौन से देश हैं आगे?
IMF की इस AI प्रिपेयर्डनेस रैंकिंग में अमेरिका को पहला स्थान दिया गया है, क्योंकि वहां मजबूत टेक इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च और इंडस्ट्री का अच्छा तालमेल है। इसके बाद डेनमार्क और सिंगापुर को टॉप ग्रुप में रखा गया है, जहां डिजिटल गवर्नेंस और स्किल्स पर खास फोकस है। चीन को बड़े पैमाने और तेजी से बढ़ते AI इस्तेमाल के कारण अहम देश माना गया है। उभरते देशों में सऊदी अरब का नाम भी शामिल किया गया है।