2030 तक 1 अरब 5G यूजर का लक्ष्य, सिंधिया बोले- अब दुनिया को टेक्नोलॉजी देगा भारत
क्या है खबर?
भारत में पिछले कुछ वर्षों में टेलीकॉम और इंटरनेट की तस्वीर तेजी से बदली है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसी बदलाव को सामने रखते हुए देश के अगले लक्ष्य बताए। उन्होंने कहा कि अब भारत का ध्यान अपनी तकनीक और क्षमता को दुनिया के सामने ले जाने पर है। इसी क्रम में 2030 तक 5G यूजर्स को 1 अरब करने का लक्ष्य रखा गया है।
सस्ता इंटरनेट
सस्ता इंटरनेट बना बदलाव की बड़ी वजह
सिंधिया ने कहा कि डाटा की कीमत घटने से इंटरनेट लोगों के लिए आसान हुआ है।
2014 में 1GB डाटा करीब 268 रुपये का था, जो अब 8 रुपये में मिल रहा है। देश में ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 1.1 अरब से ज्यादा और मोबाइल ग्राहकों की संख्या करीब 1.35 अरब हो चुकी है।
2022 में 5G सेवा शुरू होने के बाद करीब 55 करोड़ यूजर इससे जुड़ चुके हैं। अब यह संख्या 1 अरब तक पहुंचाने की तैयारी है।
मानक
6G में खुद मानक तय करना चाहता है भारत
भारत की नजर अब 6G पर है और सरकार चाहती है कि इस तकनीक में देश की भूमिका सिर्फ इस्तेमाल करने वाले की न रहे।
सिंधिया के मुताबिक, भारत 6G अलायंस से करीब 90 संस्थान जुड़े हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी साझेदारियां की जा रही हैं।
उनका कहना है कि भारत ने 4G में दूसरे देशों से कदम मिलाने में देर की, 5G में साथ आया और अब 6G के दौर में दुनिया को दिशा देने की कोशिश करेगा।
मोबाइल
मोबाइल बनाने में भी बढ़ी घरेलू ताकत
मोबाइल निर्माण में भी भारत ने अपनी स्थिति मजबूत की है।
सिंधिया ने बताया कि 2014 में देश का मोबाइल फोन उद्योग करीब 2 अरब डॉलर का था, जो अब लगभग 63 अरब डॉलर हो गया है। मोबाइल फोन का निर्यात भी करीब 29 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।
भारत का अपना 4G टेलीकॉम स्टैक तैयार है और इसे लगभग 1 लाख टावरों पर लगाया गया है। अब घरेलू तकनीक को बड़े बाजार तक पहुंचाने पर जोर है।
अन्य
अब भारत की तकनीक जाएगी दुनिया तक
सिंधिया ने कहा कि UPI, भारतनेट और संचार साथी जैसी पहलों ने देश के डिजिटल ढांचे को मजबूत किया है।
UPI हर साल करीब 260 अरब लेनदेन संभाल रहा है और 11 देशों में पहुंच चुका है। भारत अब इसी क्षमता को दूसरे देशों तक ले जाने की तैयारी कर रहा है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के अगले दशक की दिशा बताते हुए सिंधिया ने कहा, "पहले दशक में दुनिया भारत आई। अगले दशक में भारत को दुनिया तक पहुंचाना होगा।"