IIT दिल्ली की पूर्व छात्रा की कंपनी ने ट्रकों के लिए बनाया नया रेफ्रिजरेशन सिस्टम
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से बायोटेक में ग्रेजुएट शैवी मलिक ने योटूह एनर्जी नाम का स्टार्टअप शुरू किया है। उनका लक्ष्य भारत में खराब कोल्ड स्टोरेज के कारण बड़े पैमाने पर खाने की बर्बादी को रोकना है।
उनकी जलवायु-तकनीक कंपनी का सिस्टम बैटरी से चलता है, जिसे ट्रकों पर लगाया जाता है। एक बार चार्ज करने पर यह सिस्टम 6 से 8 घंटे तक चलता है और इसके लिए ट्रक के इंजन पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती।
यह तकनीक रेफ्रिजरेशन के खर्च को 75 फीसदी तक कम कर देती है, जिससे यह पर्यावरण के लिए ज्यादा बेहतर और कुशल साबित होती है।
ट्रक खराब होने पर भी काम करता है सिस्टम
2022 में शुरू हुई योटूह एनर्जी को शुरुआत में परिवार का समर्थन मिला और अब इसे IIT मद्रास में इनक्यूबेट किया जा रहा है। कंपनी ने अब तक 1.53 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है और उसे अमूल आइसक्रीम और मैककेन फ्रोजन फूड्स से जुड़े वितरकों जैसे ग्राहक भी मिल गए हैं।
इस तकनीक की एक और खासियत यह है कि अगर, ट्रक खराब भी हो जाए तब भी यह चलती रहती है क्योंकि यह ट्रक के इंजन से पूरी तरह अलग काम करती है।
इसमें दरवाजे खुलने पर कूलिंग को एडजस्ट करने वाले सेंसर भी लगे हैं। इसकी मदद से हर साल एक यूनिट पर 36 मीट्रिक टन CO2 की बचत होती है, जो भारत के कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स को एक बहुत जरूरी सुधार देता है।