CVPR 2026 में IISc बेंगलुरु के AI पर शोध ने बनाई खास पहचान
बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) ने इस महीने कोलोराडो में हुई कंप्यूटर विजन और पैटर्न रिकग्निशन पर सम्मेलन (CVPR) 2026 में शीर्ष 15 में अपनी जगह पक्की कर ली है।
यह दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर विजन कॉन्फरेंस में से एक है। करीब 16,000 प्रविष्टियों के बीच उनकी रिसर्च पेपर 'रीथिंकिंग डlटासेट डिस्टिलेशन: हार्ड ट्रुथ्स अबाउट सॉफ्ट लेबल्स' ने अपनी खास पहचान बनाई।
इस कामयाबी का श्रेय प्रियं डे और कंप्यूटरेशनल एंड डाटा साइंस टीम को दिया गया।
डाटासेट डिस्टिलेशन से ट्रेनिंग से होगी ऊर्जा की बचत
यह शोध 'डाटासेट डिस्टिलेशन' नामक एक ऐसी तकनीक पर आधारित है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बहुत कम उदाहरणों से सीख सकता है और उसकी सटीकता भी कम नहीं होती।
प्रोफेसर आर वेंकटेश बाबू ने बताया कि इस तरीके से AI का प्रशिक्षण सस्ता होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी ज्यादा अच्छा हो सकता है। इससे बिजली की खपत और GPU के इस्तेमाल में काफी कमी आती है।
टीम का मानना है कि यह तरीका जल्द ही इमेज रिकॉग्निशन ही नहीं, बल्कि ऑडियो प्रोसेसिंग जैसे कई दूसरे क्षेत्रों में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हुए हम और भी ज्यादा स्मार्ट AI तैयार कर पाएंगे।