IISc और डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने खोजा कोबरा के जहर का नया इलाज
बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) और डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने कोबरा सांपों के लिए एक नया एंटीवेनम बनाया है।
इस एंटीवेनम को माइक्रोबियल और ह्यूमनाइज्ड एक्सप्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल करके तैयार किया जा सकता है। खास बात यह है कि इसे बनाने में घोड़ों जैसे जानवरों को बार-बार इम्यूनाइज करने की जरूरत नहीं पड़ती। यह कई तरह के कोबरा सांपों के जहर पर असरदार है।
भारत के लिए यह खबर बहुत अहम है क्योंकि यहां हर साल करीब 50,000 लोग सांप के काटने से अपनी जान गंवा देते हैं और मौजूदा इलाज अक्सर उतने प्रभावी नहीं होते।
चूहों में लकवा हुआ ठीक
इस टीम ने 5 खास नैनोबॉडीज का इस्तेमाल किया है। ये लैब में बनाई गई छोटी एंटीबॉडीज होती हैं। अगर, इन्हें तुरंत दिया जाए तो ये नैनोबॉडीज चूहों में कोबरा के जहर से होने वाले लकवे को ठीक कर सकती हैं। इन नैनोबॉडीज को माइक्रोबियल और ह्यूमनाइज्ड एक्सप्रेशन सिस्टम से बनाया जाता है। साथ ही, इससे ऐसे एंटीवेनम बनाए जा सकते हैं, जो किसी खास इलाके के सांपों के जहर पर ज्यादा असरदार हों। इससे उन जगहों पर और ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकेगी, जहां सांप के काटने की घटनाएं बहुत होती हैं।