स्टारलिंक के अगली पीढ़ी के सैटेलाइट नेटवर्क से कितनी मिलेगी स्पीड?
क्या है खबर?
एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेस-X अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सुविधा स्टारलिंक को और बेहतर बनाने की योजना पर लगातार काम कर रही है। कंपनी अब अपने सैटेलाइट्स की दूसरी जेनरेशन लॉन्च करने की तैयारी में है। मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि V2 नाम की नई सैटेलाइट सीरीज पहले से ज्यादा तेज और मजबूत इंटरनेट सेवा देगी। लक्ष्य है कि सैटेलाइट से मिलने वाली स्पीड जमीन पर मिलने वाले 5G नेटवर्क जैसी महसूस हो।
स्पीड
150Mbps तक स्पीड का दावा
कंपनी के अनुसार नई V2 सैटेलाइट 150Mbps तक डाउनलोड स्पीड दे सकती है, जो यूजर्स के लिए बड़ी सुविधा होगी। यह स्पीड सामान्य ब्रॉडबैंड कनेक्शन के बराबर मानी जा रही है और तेज इंटरनेट अनुभव दे सकती है। स्टारलिंक का कहना है कि नई सैटेलाइट्स पहले के मुकाबले 100 गुना ज्यादा डाटा क्षमता देंगी। इससे वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेम और वॉयस कॉल ज्यादा साफ, स्थिर और भरोसेमंद हो सकेंगे। खासकर दूर-दराज और समुद्री इलाकों में इसका सीधा फायदा मिलेगा।
कवरेज
दूरदराज इलाकों को बेहतर कवरेज
कंपनी का कहना है कि V2 सैटेलाइट पृथ्वी के पोलर यानी ध्रुवीय इलाकों में भी पहले से बेहतर और स्थिर कवरेज देगी। इन क्षेत्रों में पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क अक्सर कमजोर, धीमे या अस्थिर रहते हैं। स्पेस-X की योजना है कि 2027 से हर लॉन्च में 50 से ज्यादा नई सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजी जाएं। कंपनी छह महीने के भीतर पूरा नया सैटेलाइट ग्रुप तैयार करना चाहती है, जिससे वैश्विक इंटरनेट कवरेज और भी मजबूत हो सके।
साझेदारी
यूरोप में नई साझेदारी
स्टारलिंक ने जर्मनी की बड़ी टेलीकॉम कंपनी ड्यूश टेलीकॉम के साथ नई और अहम साझेदारी की घोषणा की है। इस समझौते के तहत 2028 से यूरोप में इंटरनेट की कमी वाले क्षेत्रों में बेहतर और तेज सेवा देने की योजना बनाई गई है। ड्यूश टेलीकॉम स्टारलिंक के नए सैटेलाइट ग्रुप का उपयोग अपनी नेटवर्क सेवाओं को मजबूत करने के लिए करेगी। कंपनी का मानना है कि इस कदम से ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में भरोसेमंद तेज इंटरनेट पहुंचाना आसान होगा।