HIVE AI से अब हर भारतीय को घर बैठे मिलेगी स्वास्थ्य की सटीक सलाह
पूरे भारत में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर (बीमारी से बचाव वाली स्वास्थ्य सेवा) को मजबूत करने के लिए चेन्नई के एक महामारी-विशेषज्ञ ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जो क्लिनिकल जानकारी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मिलाकर वेरिफाइड और सबूतों पर आधारित हेल्थकेयर इंटेलिजेंस देता है।
हनीबी पॉपुलेशन हेल्थकेयर फाउंडेशन (HPHF) के संस्थापक निदेशक डॉ. विदुथलाई विरुम्बी बालागुरुसामी द्वारा विकसित 'हेल्थकेयर इंटेलिजेंस एंड वेरिफिकेशन इंजन' (HIVE) को पारंपरिक AI चैटबॉट्स से कहीं आगे बढ़कर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मरीजों के रिकॉर्ड, क्लिनिकल तर्क, मेडिकल साहित्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य डाटा और मौजूदा क्लिनिकल गाइडलाइंस के आधार पर सुझावों की पुष्टि करता है।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्णय लेने में मिलेगी मदद
HIVE का मुख्य मकसद है कि बीमारियों को शुरुआती दौर में ही पहचान लिया जाए और यह सुनिश्चित हो सके कि हर किसी को बेहतर इलाज मिले, खासकर उन इलाकों में जहां संसाधनों की कमी है।
यह सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मां और बच्चे की सेहत या दिमागी स्वास्थ्य जैसे मामलों में समझदारी भरे फैसले लेने में मददगार टूल देता है।
यही नहीं, यह आम लोगों के लिए तो मुफ्त उपलब्ध है ही साथ ही क्लीनिकों के लिए भी बेहद कम दाम में उपलब्ध है।
इसका मतलब है कि अब यह तकनीक सिर्फ बड़े अस्पतालों तक ही सीमित नहीं रहेगी। इसका अंतिम लक्ष्य सभी समुदायों को स्वस्थ बनाना है।