लू ग्लोबल वार्मिंग से भी तेज बढ़ रही, अध्ययन में नया खुलासा
नेचर जियोसाइंस के एक ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है कि गर्मी की लहरें केवल ग्लोबल वार्मिंग से ही नहीं, बल्कि उससे भी कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रही हैं।
केवल औसत तापमान में थोड़ी-सी बढ़ोतरी भी बहुत लंबी और तीखी गर्मी की लहरें ला सकती है, जिससे इंसानों और पर्यावरण दोनों पर दबाव बहुत बढ़ जाता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इसी वजह से जलवायु परिवर्तन के हिसाब से ढलने की जरूरत और भी ज्यादा बढ़ गई है।
अफ्रीका में गर्मी की लहरों में 60 गुना वृद्धि
अध्ययन में यह भी चेतावनी दी गई है कि दक्षिण-पूर्व एशिया और भूमध्यरेखीय अफ्रीका जैसे इलाकों में 2044 तक लंबी गर्मी की लहरें 60 गुना ज्यादा हो सकती हैं।
हालांकि, ये 60 गुना बढ़ने का अनुमान केवल भूमध्यरेखीय अफ्रीका के लिए है, जहां 35 दिनों से ज्यादा चलने वाली गर्मी की लहरों की बात की गई है।
वैज्ञानिकों ने रोजाना के तापमान के असर को समझने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। उनका कहना है कि उनके ये नतीजे बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन के हिसाब से ढलने की योजनाओं पर हमें बहुत तेजी से काम करना होगा।