3 भारतीय शोधकर्ताओं ने क्लाउड AI से OpenAI के सिस्टम में लगाई सेंध
हैकट्रॉन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के 3 भारतीय मूल के शोधकर्ताओं ने 72 घंटे से भी कम समय में OpenAI के सिस्टम में सेंध लगाने में कामयाबी हासिल की।
एक सार्वजनिक फोरम से शुरुआत करते हुए हर्ष जायसवाल, मोहन पेधापति और राहुल मैनी ने कर्मचारियों के ChatGPT और कोडेक्स अकाउंट तक पहुंच बना ली, यहां तक कि एक निजी गिटहब रिपॉजिटरी तक भी पहुंच गए। उन्होंने अपने हैक को तैयार करने और उसमें आई गड़बड़ियों को ठीक करने (डीबग) के लिए क्लाउड AI का उपयोग किया।
शोधकर्ताओं ने जीता 6,500 डॉलर का इनाम
टीम को डिस्कोर्स प्लेटफॉर्म में एक बड़ी सुरक्षा खामी मिली। उन्होंने डिस्कोर्स के इमेज-प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर में मिली एक कमी का फायदा उठाया और इसे पहचान से जुड़ी एक और कमजोरी के साथ मिलाकर सिस्टम में घुसपैठ कर ली।
संवेदनशील जानकारी चुराने के बजाय उन्होंने एक हानिरहित 'पुल रिक्वेस्ट' भेजकर अपनी पहुंच का सबूत दिया और इस तरह उन्होंने अपनी नैतिकता बनाए रखी।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल टोकन पर 3,000 डॉलर (करीब 2.8 लाख रुपये) से कम खर्च किए, लेकिन OpenAI से 6,500 डॉलर (करीब 6.15 लाख रुपये) का बग बाउंटी कमाया।
उन्हें जानकारी मिलने के बाद कंपनी ने पहचान से जुड़े इस मसले को तुरंत ठीक किया और अपनी खोजों की जानकारी देने के लिए शोधकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया।