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परिवार की आवाज में आने वाले फर्जी कॉल की पहचान करेगा गूगल का नया AI फीचर
परिवार की आवाज में आने वाले फर्जी कॉल की पहचान करेगा गूगल का नया AI फीचर

परिवार की आवाज में आने वाले फर्जी कॉल की पहचान करेगा गूगल का नया AI फीचर

Jun 03, 2026
01:21 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ फर्जी कॉल और वॉइस क्लोनिंग स्कैम भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए गूगल ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए नया फेक कॉल डिटेक्शन फीचर पेश किया है। यह फीचर उन कॉल्स की पहचान करने में मदद करेगा, जिनमें ठग किसी परिचित व्यक्ति की आवाज और फोन नंबर की नकल करके लोगों को धोखा देने की कोशिश करते हैं।

फीचर

कैसे काम करेगा फीचर?

गूगल का नया सिस्टम केवल आवाज पर भरोसा नहीं करता, बल्कि कॉल करने वाले डिवाइस की भी जांच करता है। जब कोई भरोसेमंद संपर्क कॉल करता है और दोनों लोग फोन बाय गूगल ऐप का उपयोग कर रहे होते हैं, तब कॉल करने वाला फोन एक विशेष वेरिफिकेशन सिग्नल भेजता है। यह सिग्नल पुष्टि करता है कि कॉल वास्तव में उसी डिवाइस से की जा रही है। इससे नकली कॉल और असली कॉल के बीच अंतर करना आसान होता है।

अलर्ट मैसेज

नकली कॉल पर देगा अलर्ट मैसेज

अगर कोई ठग किसी परिचित व्यक्ति का नंबर दिखाकर कॉल करता है, तो उसके पास असली डिवाइस का वेरिफिकेशन सिग्नल नहीं होगा। ऐसी स्थिति में फोन असली डिवाइस से पुष्टि करने की कोशिश करेगा। अगर यह पता चलता है कि उस डिवाइस से कोई कॉल नहीं की जा रही है, तो एंड्रॉयड यूजर को चेतावनी देगा। फोन स्क्रीन पर मैसेज दिखाई देगा कि कॉल करने वाला व्यक्ति नकली हो सकता है और कॉल काटने की सलाह दी जाएगी।

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उपलब्धता

दुनियाभर में शुरू होगा फीचर का विस्तार

गूगल ने बताया है कि यह फीचर इस महीने से एंड्रॉयड 12 और उससे नए वर्जन वाले डिवाइस पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी शुरुआत पिक्सल स्मार्टफोन से होगी और बाद में अन्य समर्थित डिवाइस तक पहुंचाई जाएगी। कंपनी ने इसे RCS तकनीक के आधार पर तैयार किया है। गूगल का मानना है कि AI से तैयार आवाजों के दौर में केवल आवाज पहचानना पर्याप्त नहीं है, इसलिए कॉल के स्रोत की पुष्टि करना सुरक्षा का महत्वपूर्ण तरीका बन सकता है।

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