गूगल कर रही RCS स्पैम से निपटने की कोशिश, टेलीकॉम कंपनी से मिलाया हाथ
क्या है खबर?
भारत में गूगल की रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (RCS) पहल को लगातार मिल रही स्पैम शिकायतों के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैं। ऐसे में कंपनी प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के साथ बेहतर तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही है। इसी के तहत उसने भारती एयरटेल के साथ हाथ मिलाया है, जिससे RCS इकोसिस्टम में नेटवर्क-स्तरीय स्पैम को फिल्टर किया जा सके। इस कदम का उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर अवांछित मैसेज और धोखाधड़ी से सुरक्षा को मजबूत करना है।
समस्या
इस कारण बढ़ रही समस्या
देश में मोबाइल यूजर्स की भारी संख्या, डिजिटल भुगतान में तीव्र वृद्धि और उद्योगों की आक्रामक बिक्री रणनीतियों के कारण मैसेज चैनल्स पर स्पैम और धोखाधड़ी के मामले में यह बाजार चुनौतीपूर्ण बन गया। 2022 में RCS (गूगल मैसेज ऐप से प्रसारित होने वाले मैसेज) पर अवांछित विज्ञापनों की शिकायतों की संख्या इतनी अधिक थी कि उसको भारत में इस प्लेटफॉर्म पर व्यावसायिक प्रचार को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इसके बाद भी स्पैम मैसेज की परेशानी बनी रही।
तरीका
एयरटेल नेटवर्क RCS से आने वाले मैसेज की करेगा जांच
इस साझेदारी के तहत एयरटेल की नेटवर्क इंटेलिजेंस को गूगल के RCS प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जाएगा। इससे बिजनेस मैसेजिंग पर रियल टाइम जांच की जा सके, जिसमें मैसेज भेजने वाले का सत्यापन, स्पैम का पता लगाना और यूजर्स की डू नॉट डिस्टर्ब प्राथमिकताओं को लागू करना शामिल है। टेलीकॉम कंपनी ने इस कदम को एक दूरसंचार ऑपरेटर के स्पैम फिल्टरिंग को सीधे ओवर-द-टॉप मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में जोड़ने को वैश्विक स्तर पर पहली बार बताया है।