गूगल एंड्रॉयड शो 2026: एंड्रॉयड 17 में AI स्कैम डिटेक्शन समेत आएंगे कई नए सुरक्षा फीचर
क्या है खबर?
गूगल ने एंड्रॉयड शो 2026 में आज एंड्रॉयड 17 से जुड़े कई नए सुरक्षा और प्राइवेसी फीचर पेश किए हैं। कंपनी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्कैम सुरक्षा, ऐप सेफ्टी और यूजर प्राइवेसी को मजबूत करने पर है। नए फीचर पुराने एंड्रॉयड वर्जन वाले कुछ डिवाइस में भी दिए जाएंगे। इन बदलावों से साइबर ठगी, फर्जी कॉल और डाटा चोरी जैसी समस्याओं से बचाव आसान होगा। कंपनी आने वाले महीनों में इन फीचर्स को धीरे-धीरे ज्यादा डिवाइस तक पहुंचाएगी।
कॉल फीचर
बैंकिंग स्कैम रोकने के लिए नया कॉल फीचर
गूगल ने 'वेरिफाइड फाइनेंशियल कॉल' नाम का नया फीचर पेश किया है। इसका मकसद फर्जी बैंक कॉल और कॉलर ID स्कैम को रोकना है। अगर कोई कॉल बैंक के नाम पर आती है, तो एंड्रॉयड फोन बैंकिंग ऐप से जांच करेगा कि कॉल असली है या नहीं। गलत या संदिग्ध कॉल होने पर फोन उसे अपने आप बंद कर सकता है। कुछ बैंक नंबरों को केवल इनकमिंग कॉल के लिए तय किया जाएगा, जिससे फर्जी आउटगोइंग कॉल पकड़ी जा सकेगी।
संदिग्ध ऐप्स
संदिग्ध ऐप्स पर रखेगा AI आधारित नजर
गूगल अपने लाइव थ्रेट डिटेक्शन सिस्टम को भी मजबूत बना रहा है। यह फीचर फोन में मौजूद संदिग्ध ऐप गतिविधियों पर नजर रखेगा। एंड्रॉयड 17 यूजर को ऐसे ऐप्स के बारे में चेतावनी देगा जो गुप्त रूप से परमिशन बदलते हैं या बैकग्राउंड में चालू हो जाते हैं। क्रोम ब्राउजर भी अब डाउनलोड होने वाली apk फाइल्स में वायरस और मालवेयर की जांच करेगा। कंपनी का कहना है कि इससे फर्जी ऐप्स और साइबर हमलों से सुरक्षा बेहतर हो सकेगी।
लॉक
चोरी होने पर फोन को करना होगा आसान लॉक
एंड्रॉयड 17 में चोरी से बचाव के लिए नए फीचर भी जोड़े गए हैं। 'मार्क ऐज लॉस्ट' फीचर के जरिए यूजर फोन को बायोमेट्रिक तरीके से लॉक कर सकेगा। फोन खोने पर क्विक सेटिंग्स छिप जाएंगी और नए वाई-फाई या ब्लूटूथ कनेक्शन बंद हो जाएंगे। गूगल ने पासवर्ड अनुमान लगाना भी मुश्किल बनाने की तैयारी की है। लगातार गलत कोशिश होने पर सिस्टम ज्यादा इंतजार करवाएगा। कंपनी का कहना है कि ये फीचर डिफॉल्ट रूप से चालू रहेंगे।
प्राइवेसी कंट्रोल
प्राइवेसी कंट्रोल और लोकेशन सुरक्षा होगी बेहतर
गूगल एंड्रॉयड 17 में नए प्राइवेसी कंट्रोल भी जोड़ रहा है। अब ऐप्स केवल चुने गए कॉन्टैक्ट्स तक ही पहुंच मांग सकेंगे। नया लोकेशन इंडिकेटर बताएगा कि कौन सा ऐप लोकेशन इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी एक अस्थायी सटीक लोकेशन शेयरिंग फीचर भी ला रही है, जो ऐप बंद होते ही काम करना बंद कर देगा। इसके अलावा, AI आधारित 'AISeal' तकनीक डाटा प्रोसेसिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाएगी और यूजर को ऑफिशियल एंड्रॉयड सिस्टम की पहचान करने में मदद मिलेगी।