ग्लोबल वॉर्मिंग खत्म कर रही हिंद-प्रशांत महासागर का 400 साल पुराना संबंध
एक नए अध्ययन में पता चला है कि ग्लोबल वॉर्मिंग हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच के 400 साल पुराने जलवायु संबंध को खत्म कर रही है। यह ऐसा जुड़ाव है, जिसकी वजह से दुनियाभर का मौसम तय होता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह कोई मामूली या थोड़े समय का बदलाव नहीं है, बल्कि इंसानी गतिविधियों के कारण हुआ एक बड़ा बदलाव है।
अब बेहतर जलवायु मॉडल की जरूरत
इन दोनों महासागरों के बीच का यह संबंध 1980 के दशक से लगातार कमजोर होता जा रहा है। इससे बारिश और तापमान जैसी स्थितियों का अनुमान लगाना अब और भी मुश्किल हो गया है।
इस अध्ययन के मुख्य लेखक और यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के शोधकर्ता शॉन वांग ने बताया कि इंसानी गतिविधियों से होने वाला प्रदूषण और ग्लोबल वॉर्मिंग अब प्रशांत महासागर के प्राकृतिक प्रभाव पर भारी पड़ रहे हैं। इस बदलाव के चलते वैज्ञानिकों का मानना है कि हमें नए और बेहतर जलवायु मॉडल की जरूरत पड़ेगी। ऐसा करने से हम अपनी पृथ्वी के भविष्य का बेहतर अनुमान लगा पाएंगे।