GPS तकनीक की नींव रखने वाली वैज्ञानिक ग्लेडिस वेस्ट का हुआ निधन
क्या है खबर?
विश्व की जानी मानी गणितज्ञ डॉ. ग्लेडिस वेस्ट का 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह भले ही आम लोगों के लिए ज्यादा चर्चित नाम न रही हों, लेकिन उनका काम पूरी दुनिया इस्तेमाल करती है। उनके शोध से ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) तकनीक की नींव पड़ी, जो आज मोबाइल, विमानन, आपात सेवाओं और रोजमर्रा की यात्रा में काम आती है। समय पर रास्ता दिखाने वाली यह तकनीक उनके गणितीय काम का अहम नतीजा रही।
शिक्षा
कठिन दौर में शिक्षा से बनाई पहचान
डॉ. वेस्ट का जन्म 1930 में अमेरिका के वर्जीनिया राज्य में हुआ था। जिम क्रो कानूनों के दौर में कठिन हालात के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने वर्जीनिया स्टेट कॉलेज से गणित में स्नातक और परास्नातक डिग्री हासिल की। यह उपलब्धि उस समय एक अश्वेत महिला के लिए आसान नहीं थी और उनके दृढ़ संकल्प को दिखाती है। शिक्षा ने उनके भविष्य के वैज्ञानिक सफर की मजबूत नींव तैयार की थी।
काम
नेवी सेंटर में किया ऐतिहासिक काम
1956 में डॉ. वेस्ट को डाहलग्रेन स्थित नेवल रिसर्च सेंटर में नौकरी मिली। वहां उन्होंने सैटेलाइट डाटा की मदद से पृथ्वी के सटीक गणितीय मॉडल तैयार किए। 1970 और 1980 के दशक में यह काम बेहद जटिल माना जाता था। इन्हीं मॉडलों पर आगे चलकर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम आधारित हुआ, जो आज दुनियाभर में इस्तेमाल होता है। उन्होंने वहां कुल बयालीस साल तक सेवा दी और 1998 में सेवानिवृत्त हुईं आखिरकार।
पहचान
देर से मिली पहचान और सम्मान
लंबे समय तक उनके योगदान को सही पहचान नहीं मिल सकी। 2018 के बाद उन्हें सम्मान मिलना शुरू हुआ, जब उनके काम को सार्वजनिक रूप से सराहा गया। उन्हें अमेरिकी एयर फोर्स स्पेस हॉल ऑफ फेम में जगह मिली। डॉ. वेस्ट का जीवन दिखाता है कि विज्ञान में कई अहम योगदान चुपचाप होते हैं, लेकिन उनका असर पीढ़ियों तक रहता है। उनकी कहानी नई पीढ़ी के छात्रों और शोधकर्ताओं को प्रेरणा देती रहेगी।