गिटहब के लिए जून रहा सबसे शानदार महीना, नए भुगतान मॉडल का पड़ा असर
गिटहब के लिए जून अब तक का सबसे शानदार महीना रहा है। इसका सारा श्रेय उनके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कोडिंग टूल, कोपायलट की कीमत में किए गए बदलाव को जाता है।
1 जून से कंपनी ने हर यूजर से एक तय फीस लेने के बजाय 'पे एज यू गो' (जितना इस्तेमाल, उतना भुगतान) मॉडल शुरू किया। इस नए मॉडल की वजह से कोपायलट को आजमाना बहुत से लोगों के लिए आसान हो गया है और अब यह OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी बड़ी कंपनियों के साथ बराबरी पर खड़ा हो गया है।
गिटहब के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) व्लादिमीर फेडोरोव ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, "जून हमारा अब तक का सबसे बेहतरीन महीना रहा।"
गिटहब के इस्तेमाल में उछाल के बाद तकनीकी खराबी
इतने सारे नए यूजर्स आने से गिटहब के सिस्टम पर काफी दबाव बढ़ गया है। इस साल तो एक ही हफ्ते में करीब 27.5 करोड़ 'कमिंट्स' और 2.1 अरब मिनट से ज्यादा गिटहब एक्शन्स का इस्तेमाल हुआ है।
उपयोग में इतनी तेजी की वजह से कई बार गिटहब डाउन भी हो गया, जिसके कारण माइक्रोसॉफ्ट को अमेजन से और ज्यादा क्लाउड स्पेस खरीदना पड़ा।
हालांकि, फेडोरोव ने सबको भरोसा दिलाया है कि अभी कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी क्योंकि टीम इन शुरुआती चुनौतियों से निपटने में लगी है।