8 पैटर्न से बनता है पक्षियों का मधुर संगीत, वैज्ञानिकों ने लगाया पता
हाल ही में हुए एक शोध से पता चला है कि पक्षियों के अनूठे और अलग-अलग गाने हमें सुनाई देते हैं, वे असल में केवल 8 मूल ध्वनि पैटर्न से ही बने हैं।
फ्रांसीसी और अमेरिकी वैज्ञानिकों ने मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके 3,000 से ज्यादा पक्षी प्रजातियों के एक लाख से अधिक रिकॉर्डिंग्स का विश्लेषण किया।
उन्हें 3 तरह के ट्रिल्स (धीमे, तेज, अति-तेज), 3 प्रकार की सीटी की आवाजें (सपाट, धीमे-मॉड्यूलेटेड, तेज-मॉड्यूलेटेड) और 2 जटिल आवाजें- केओटिक नोट्स और हार्मोनिक स्टैक्स मिलीं।
पक्षी अपने संगीत में जोड़ते हैं 5 मोटिफ
पक्षी आमतौर पर अपने संगीत में लगभग 5 मोटिफ जोड़ते हैं और हालात, जरूरत के हिसाब से उनमें बदलाव करते रहते हैं।
गर्मकटिबंधीय वर्षा वनों में रहने वाले पक्षी सरल धुनें चुनते हैं, जो घनी हरियाली को चीर सकें, वहीं समशीतोष्ण क्षेत्रों के पक्षी अपने छोटे प्रजनन काल के दौरान रचनात्मक होकर जटिल गीत गाते हैं।
बड़े पक्षी अपनी बात सरल रूप में रखते हैं, छोटे पक्षी अपनी आवाज को और भी आकर्षक बना कर दिखाते हैं, खासकर जब साथियों के लिए मुकाबला तेज होता है।
यह शोध हमें बताता है कि पक्षी जिंदा रहने के लिए अपने संचार में कैसे बदलाव लाते हैं और उनकी विविधता को बचाना क्यों जरूरी है?