वित्तीय कंपनियां AI से लगा रहीं भविष्य की जंग का पता
दुनिया में तनाव बढ़ता जा रहा है और इसी माहौल के बीच बड़ी वित्तीय कंपनियां अब पुराने ढर्रे छोड़कर स्मार्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स का रुख कर रही हैं।
ये मॉडल उन्हें संघर्षों का पहले से ही अंदाजा लगाने में काम आ रहे हैं। 2008 के बाद से बाहरी युद्धों में शामिल देशों की तादाद लगभग दोगुनी हो चुकी है और पूरी दुनिया में इस हिंसा की वजह से करीब 22000 अरब डॉलर (करीब 20 लाख अरब रुपये) का नुकसान हुआ है। ऐसे में वेरिस्क और रैंड के नए प्रेडिक्टिव सिस्टम्स कंपनियों को इन चुनौतीपूर्ण हालातों के बीच सही रणनीति बनाने में अहम जानकारी दे रहे हैं।
ईरान संघर्ष का 66 फीसदी संभावना का अंदाजा लगाया
वेरिस्क मैपलक्रॉफ्ट का प्रेडिक्टिव वॉर इंडेक्स दशकों पुराने डाटा का इस्तेमाल करता है। यह एक साल के अंदर किसी संघर्ष के होने की संभावना का आकलन करता है।
उन्होंने हाल ही में ईरान में हुए संघर्ष की 66 फीसदी संभावना पहले ही बता दी थी, जो सच साबित हुई। उनके दूसरे टूल्स ने तो अक्टूबर, 2023 से अब तक 7 में से 6 सरकारों के गिरने का भी सटीक अंदाजा लगाया है।
दूसरी तरफ, रैंड कॉरपोरेशन भी इसी मैदान में है। यह AI-पावर्ड पूर्वानुमान जारी करती है, जो नीति-निर्माताओं को यह समझने में मदद करते हैं कि पाबंदियों जैसे फैसलों से किसी देश की सरकार पर क्या असर पड़ सकता है। इन गहरी जानकारियों की वजह से निवेशक और बीमा कंपनियां तेजी से बदलते इस माहौल में ज्यादा समझदारी भरे कदम उठा पाती हैं।