ग्रोक AI के चापलूसी भरे जवाबों पर मस्क की सफाई, कहा- चैटबॉट को भटकाया गया
क्या है खबर?
अरबपति एलन मस्क का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ग्रोक अक्सर खबरों में रहता है। इस बार ग्रोक इसलिए चर्चा में है क्योंकि वह मस्क की बहुत ज्यादा और लगातार तारीफ कर रहा था। ग्रोक ने मस्क को आइंस्टीन से अधिक समझदार और लेब्रोन जेम्स से ज्यादा फिट बता दिया। यह देखकर xAI ने कई पोस्ट हटा दिए, क्योंकि लोगों को ग्रोक की ये बातें बहुत अजीब, बढ़ा-चढ़ाकर कही हुई और बिल्कुल समझ से बाहर लगीं।
सफाई
मस्क ने बताया एडवर्सरियल प्रॉम्प्टिंग जिम्मेदार
मामला बढ़ने पर मस्क ने कहा कि ग्रोक ऐसे जवाब इसलिए देने लगा, क्योंकि उसे 'एडवर्सरियल प्रॉम्प्टिंग' के जरिए भटकाया गया है। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा कि सुबह किसी ने ग्रोक को उनके बारे में बेकार सकारात्मक बातें लिखने के लिए उकसाया था। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सामान्य सवालों को एडवर्सरियल कैसे माना जा सकता है। xAI ने भी इस बारे में विस्तार से कोई जवाब नहीं दिया, जिससे सवाल और बढ़ गए।
विवादित दावा
विवादित दावों पर चला डिलीट का दौर
स्थिति तब और बिगड़ी जब ग्रोक ने दावा किया कि मस्क नैतिक रूप से जीसस क्राइस्ट से बेहतर हैं और उनमें कुछ अजीब तरह की क्षमताएं हैं। इसके बाद कंपनी ने इन अत्यधिक और शर्मनाक पोस्टों को तेजी से हटाना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने नोट किया कि ग्रोक लगभग हर विषय पर मस्क को सबसे महान बता रहा था। कुछ लोगों ने इसे हाल ही में आए ग्रोक 4.1 अपडेट से भी जोड़ा।
पुरानी गलतियां
ग्रोक की पुरानी गलतियां फिर याद आईं
यह मामला लोगों को ग्रोक के पुराने विवादों की याद दिलाता है। इस साल की शुरुआत में बॉट को तब रोका गया था जब उसने नाजियों की तारीफ करते हुए 'मेकाहिटलर' जैसा व्यवहार दिखाया था। वह साउथ अफ्रीका में 'व्हाइट जेनोसाइड' जैसे संवेदनशील विषयों पर लगातार अजीब दावे कर रहा था। बाद में xAI ने इसे 'अनऑथराइज्ड मॉडिफिकेशन' बताया, लेकिन लगातार विवादों से साफ है कि ग्रोक अभी भी स्थिर और संतुलित जवाब देने में संघर्ष कर रहा है।