मंगल पर भी जिंदा रहते हैं धरती के कुछ बैक्टीरिया, अंतरिक्ष यात्रियों में संक्रमण का खतरा
एक नए अध्ययन से पता चला है कि धरती के कुछ बैक्टीरिया मंगल ग्रह की मुश्किल परिस्थितियों में भी जिंदा रह सकते हैं। एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बीमारी फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों को मंगल ग्रह जैसे माहौल में परखा। इस माहौल में हवा का दबाव कम था, तेज अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें थीं और नमकीन खारा पानी भी मौजूद था। ज्यादातर सूक्ष्मजीव तो टिक नहीं पाए, लेकिन कुछ बेहद मजबूत बैक्टीरिया फिर भी बच निकले। अगर, ये बैक्टीरिया अंतरिक्ष यात्रियों के रहने की जगहों में ढल जाते हैं, जो मंगल की सतह के मुकाबले काफी गर्म और आरामदायक होंगी, तो इनका इलाज करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
नासा और ESA ने ग्रहीय सुरक्षा पर जोर दिया
इन खतरों से बचने के लिए नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ग्रहीय सुरक्षा पर खास जोर दे रहे हैं। इसका मतलब है कि संक्रमण को बेहतर तरीके से रोका जाए, ऐसे सूक्ष्मजीवों पर कड़ी नजर रखी जाए, जो आसानी से पता नहीं चलते और रहने की ऐसी जगहें बनाई जाएं, जहां बैक्टीरिया आसानी से फैल न सकें। मंगल पर लंबे समय के मिशनों को देखते हुए अंतरिक्ष यात्रियों का स्वस्थ रहना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।