डीपफेक वीडियो का पता लगाने के लिए बेंगलुरु के छात्रों ने AI से बनाया डिटेक्टर
बेंगलुरु के ईस्ट पॉइंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के 4 छात्रों ने मिलकर एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वेब ऐप तैयार किया है।
ऐप डीपफेक वीडियो को आसानी से पहचान सकता है। टूल लोगों को वीडियो अपलोड करने की सुविधा देता है। जब कोई वीडियो अपलोड किया जाता है तो यह ऐप उसके हर फ्रेम की जांच करता है।
यह डिजिटल हेरफेर के निशान ढूंढता है, जिससे यह पता लगाना आसान हो जाता है कि वीडियो असली है या डीपफेक।
टूल को तेज बनाने पर चल रहा काम
इस डिटेक्टर को बनाने के लिए छात्रों ने रेस्नेक्स्ट50 और लॉन्ग शॉर्ट-टर्म मेमोरी (LSTM) नेटवर्क जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया है।
अभी वे इस टूल को और तेज बनाने के साथ-साथ इसे ज्यादा वीडियो फॉर्मेट के साथ कंपैटिबल बनाने पर भी काम कर रहे हैं।
कॉलेज समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजीव गौड़ा ने बताया कि डीपफेक के कारण पैदा हुए भरोसे के संकट से निपटने के लिए ऐसे प्रोजेक्ट बहुत जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आविष्कार दिखाते हैं कि कैसे AI सिंथेटिक मीडिया से भरी इस दुनिया में ऑनलाइन कंटेंट की विश्वसनीयता बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।