वैज्ञानिकों ने खोजा स्ट्रोक से क्षतिग्रस्त दिमाग को फिर से विकसित करने वाला हाइड्रोजेल
ड्यूक यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक खास हाइड्रोजेल तैयार किया है। यह हाइड्रोजेल इस्केमिक स्ट्रोक से क्षतिग्रस्त दिमाग के ऊतकों को सुधारने में काम आता है।
इस्केमिक स्ट्रोक तब होता है, जब खून के थक्के दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंचने से रोक देते हैं। आमतौर पर, इमरजेंसी में खून के थक्के हटाने वाली प्रक्रियाओं से दिमाग के आस-पास के स्वस्थ हिस्से तो बच जाते हैं, लेकिन जो ऊतक पहले ही मर चुके होते हैं, वे दोबारा ठीक नहीं हो पाते।
इसके ठीक उलट यह जेल मरे हुए ऊतकों की जगह नए ऊतकों को फिर से विकसित होने के लिए प्रेरित करता है। स्ट्रोक से उबरने की दिशा में यह एक बड़ी सफलता है।
चूहों में प्रयोग रहा सफल
हाइड्रोजेल एक 3D ढांचा बनाता है, जिससे स्वस्थ कोशिकाएं दिमाग के क्षतिग्रस्त हिस्सों में आसानी से पहुंच पाती हैं। टीम ने इसके असर को और बढ़ाने के लिए दिमाग की कोशिकाओं से निकलने वाले कुछ खास मॉलिक्यूल्स को इसमें मिलाया।
ये मॉलिक्यूल्स रोग-प्रतिरोधक कोशिकाओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, जिससे घाव भरने में सहायता मिलती है और नई रक्त वाहिकाएं भी बनती हैं।
अभी तक चूहों पर इसका प्रयोग सफल रहा है और उन्हें अपनी गतिशीलता दोबारा हासिल करने में सफलता मिली है। अब शोधकर्ता इस थेरेपी को इंसानों के लिए भी सुरक्षित और प्रभावी बनाने पर काम कर रहे हैं।