शोध टीम AI की मदद से लगाएगी ग्रीनलैंड में बर्फ पिघलने का पता
16 जुलाई से 6 सप्ताह के रिसर्च मिशन पर एक अंतरराष्ट्रीय टीम निकलेगी। यह टीम यूनाइटेड किंगडम (UK) के शोध जहाज 'RRS सर डेविड एटनबरो' पर सवार होकर जाएगी।
उनका लक्ष्य यह समझना है कि ग्रीनलैंड की बर्फ कितनी तेजी से पिघल रही है और इसका दुनिया के मौसम और समुद्री धाराओं पर क्या असर होगा।
यह पूरा प्रोजेक्ट 'GIANT' का हिस्सा है, जिसकी अगुवाई ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे से जुड़ीं डॉ. केली होगन कर रही हैं।
समुद्र में मिलने वाले पानी की मिलेगी जानकारी
यह टीम ऑटोनॉमस व्हीकल्स, स्मार्ट सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल जैसी आधुनिक तकनीकें इस्तेमाल करेगी।
इनकी मदद से वैज्ञानिक यह पता लगाएंगे कि ग्रीनलैंड से पिघलकर कितना ताजा पानी समुद्र में मिल रहा है। अगर, इस ताजे पानी के कारण 'नॉर्थ अटलांटिक सबपोलर गायर' में बदलाव होते हैं तो यूरोप में सर्दियों में और ज्यादा तूफान आ सकते हैं।
बारिश के पैटर्न में भी बदलाव आ सकता है, जिससे किसानों और मछुआरों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।