
दुनिया के सबसे खतरनाक लैपटॉप की नीलामी 8.3 करोड़ रुपये तक पहुंची, जानिये क्या है खास
क्या है खबर?
कोई भी लैपटॉप कितना खतरनाक हो सकता है? क्या कोई लैपटॉप दुनिया की सबसे खतरनाक मशीन हो सकती है?
पहली नजर में यह बात असंभव-सी लग सकती है, लेकिन यह सच है। जी हां, एक लैपटॉप की नीलामी हो रही है। इस लैपटॉप में दुनिया के सबसे खतरनाक वायरल लोडेड हैं।
इन वायरस की वजह से दुनियाभर में 100 बिलियन डॉलर का नुकसान हो चुका है। इनमें से कुछ वायरस अभी भी एक्टिव हैं।
आइये, पूरी खबर जानते हैं।
बोली
1.2 मिलियन डॉलर से पार पहुंची बोली
Windows XP पर चलने वाले इस लैपटॉप का नाम 'परसिस्टेंस ऑफ काओस' रखा गया है।
यह सैमसंग का NC10-14GB मॉडल है। इसमें छह अलग-अलग वायरस इंस्टॉल्ड हैं। इस लैपटॉप को लोगों और हवा से दूर रखा गया है, ताकि इसमें इंस्टॉल मालवेयर दूसरे सिस्टम में न पहुंच पाए।
यह साइबर सिक्योरिटी कंपनी Deep Instinct का प्रोजेक्ट है और इसे गुओ-ओ डॉन्ग नामक कलाकार ने तैयार किया है।
इसकी बोली 1.2 मिलियन डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) पार कर गई है।
लैपटॉप की बिक्री
वायरस से भरा लैपटॉप कौन खरीदेगा?
इस लैपटॉप में मौजूद वायरस के नाम ILOVEYOU, MyDoom, SoBig, WannaCry, Dark Tequila और BlackEnergy है।
अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि वायरस से भरे इस लैपटॉप को कोई क्यों खरीदेगा?
दरसअल, इसे लैपटॉप नहीं बल्कि एक कला के नमून के तौर पर बेचा रहा है।
इसके साथ साफ निर्देश दिए गए हैं कि इसे केवल शैक्षणिक कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इन मालवेयर को ऑपरेशनल कामों के लिए बेचना गैर-कानूनी है।
वायरस
यहां असर दिखा चुके हैं ये वायरस
इनमें से कई वायरस ने दुनिया पर अपना बड़ा प्रभाव दिखाया है। WannaCry रैनसम वायरस ने इंग्लैंड की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर दिया था, जिससे लगभग 100 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था।
दुनियाभर में लगभग 20 लाख लोगों पर इसका असर पड़ा था। वहीं एक दूसरे वायरस BlackEnergy ने यूक्रेन में अंधेरा कर दिया था।
दरअसल, 2015 में इस वायरस की वजह से वहां ब्लैकआउट हो गया था।