आर्कटिक में तूफानों के झुंड से बर्फ दोगुनी तेजी से पिघल रही, वैज्ञानिकों का खुलासा
लगातार एक के बाद एक आने वाले तूफान 'सीरियल साइक्लोन क्लस्टरिंग' आर्कटिक में समुद्री बर्फ के नुकसान को और बढ़ा रहे हैं।
एक नया अध्ययन बताता है कि अकेले चक्रवात के मुकाबले तूफानों की ये झुंड बर्फ के नुकसान को दोगुना कर देती है।
इसकी वजह से बर्फ का दोबारा जमना मुश्किल हो जाता है और यह इलाका कटाव और अस्थिरता के प्रति ज्यादा संवेदनशील बन जाता है।
तटीय समुदायों को बड़ा खतरा
डॉ लार्स ओ की टीम के शोधकर्ताओं ने दशकों पुराने सैटेलाइट डाटा का इस्तेमाल कर इन तूफानों के पैटर्न पर नजर रखी।
उन्होंने पाया कि इन तूफानों का असर अकेले तूफान से लगभग 2.5 गुना ज्यादा देर तक बना रहता है और कुछ जगहों पर तो यह 7 गुना भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
पतली बर्फ एक कमजोर ढाल की तरह काम करती है, जिससे आर्कटिक के तटीय समुदायों को तूफानों से ज्यादा खतरा होता है। ऐसे में जैसे-जैसे हमारी धरती गर्म हो रही है, इन बदलावों को समझना बेहद जरूरी है।