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8वें वेतन आयोग के नाम पर नया साइबर ठगी, जानिए कैसे रहें सुरक्षित
8वें वेतन आयोग के नाम पर नया साइबर ठगी

8वें वेतन आयोग के नाम पर नया साइबर ठगी, जानिए कैसे रहें सुरक्षित

Feb 23, 2026
11:43 am

क्या है खबर?

देशभर में सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने वाला एक नए तरीके का साइबर ठगी सामने आया है। इसमें 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी बढ़ोतरी का लालच दिया जा रहा है। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि ठग व्हाट्सऐप पर फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेज में संशोधित वेतन चेक करने के लिए एक ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है, जो असल में खतरनाक सॉफ्टवेयर होता है।

APK फाइल

APK फाइल से मोबाइल पर कब्जा

ठग कर्मचारियों को एक APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। APK एंड्रॉयड ऐप का इंस्टॉलेशन पैकेज होता है, लेकिन इस मामले में इसमें मालवेयर छिपा होता है। जैसे ही इसे इंस्टॉल किया जाता है, ठग मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर सकते हैं। वे मैसेज पढ़ सकते हैं, OTP देख सकते हैं और बैंक अकाउंट तक पहुंच बना सकते हैं। यूजर को अक्सर तब तक पता नहीं चलता जब तक नुकसान नहीं हो जाता है।

तरीका

सुरक्षित तरीके से अपडेट कहां देखें?

सरकार ने साफ किया है कि वेतन आयोग से जुड़ी सही जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही मिलेगी। कर्मचारी 8cpc.gov.in या verified.gov.in जैसे सरकारी डोमेन पर ही भरोसा करें। ऐसी ठगी से सुरक्षित रहने के लिए किसी भी अनजान लिंक, फाइल या व्हाट्सऐप मैसेज पर विश्वास न करें। कोई भी सरकारी विभाग निजी मैसेजिंग ऐप के जरिए सैलरी कैलकुलेटर या संवेदनशील दस्तावेज नहीं भेजता है। इसलिए केवल आधिकारिक सोर्स से ही जानकारी लेना सुरक्षित माना जाता है।

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फास्टैग ठगी

फास्टैग ठगी से भी रहें सावधान

इसी तरह फास्टैग के नाम पर भी ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। ठग नकली कस्टमर केयर नंबर और स्पॉन्सर्ड लिंक के जरिए लोगों को स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवा देते हैं। इसके बाद वे बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं। NHAI ने सलाह दी है कि फास्टैग से जुड़ी सभी सेवाओं के लिए सिर्फ आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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