टूटी स्क्रीन से तंग आकर भारतीय समय से पहले बदल रहे फोन, सर्वे में खुलासा
कॉर्निंग के एक नए सर्वे से सामने आया है कि आधे से ज्यादा (53 फीसदी) भारतीय स्मार्टफोन यूजर टूटी स्क्रीन के चलते समय से पहले ही नया फोन खरीद लेते हैं।
यह सर्वे पिछले साल के आखिर में 1,500 से ज्यादा लोगों के बीच किया गया था, जिससे साफ होता है कि आज के दौर में फोन की मजबूती कितनी अहम है।
कॉर्निंग में एडवांस्ड ग्लास इनोवेशन ग्रुप (AGI) के वाणिज्यिक निर्देशक एंड्रयू बेक बताते हैं, "जैसे-जैसे स्मार्टफोन हमारे काम, बातचीत और मनोरंजन का एक अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं, इनकी मजबूती अब सिर्फ एक फीचर नहीं रह गई, बल्कि यह फोन इस्तेमाल करने के अनुभव का एक बहुत जरूरी पहलू बन गई है।"
लोग बेहतर सामग्री के लिए ज्यादा पैसे देने को तैयार
इस सर्वे में पता चला है कि पिछले साल 87 फीसदी लोगों का फाेन गिरने से टूट गया था और आधे से ज्यादा यूजर फोन खराब होने की चिंता में रहे। टूटी स्क्रीन की वजह से 5 में से एक यूजर को किसी जानकार से मरम्मत करवानी पड़ी और करीब आधे लोगों ने इसे ठीक करवाने में 2,000 रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए।
फोन की मजबूती ने 61 फीसदी लोगों के खरीद के फैसले को प्रभावित किया है। टूटने से बचाव और खरोंच से सुरक्षा जैसे फीचर अब बहुत जरूरी माने जाते हैं।
इसके अलावा, 74 फीसदी लोगों ने कहा कि वे बेहतर सामग्री के लिए ज्यादा पैसे देने को भी तैयार हैं, ऐसे में यह कोई हैरानी की बात नहीं कि गोरिल्ला ग्लास इतना लोकप्रिय क्यों है।