अंतरिक्ष में आम नागरिक की मदद से वैज्ञानिकों ने खोजी रेड-बार्ग रेडियो आकाशगंगा
एक आम नागरिक की मदद से 'रैड-बार्ग' नाम की एक विशाल रेडियो आकाशगंगा खोजी गई है। यह आकाशगंगा अंतरिक्ष में 18 लाख प्रकाश वर्ष तक फैली हुई है।
सबसे खास बात है इसकी अनोखी 'धनुष-बाण' जैसी आकृति है। इसमें एक जेट एक बड़े चाप (आर्क) की तरह मुड़ा हुआ है, वहीं दूसरा जेट S-आकार में घूमता हुआ दिखाई देता है।
इस खोज से खगोलविदों को यह समझने के नए सुराग मिल रहे हैं कि आकाशगंगा और क्लस्टर अंतरिक्ष में एक-दूसरे के साथ कैसे क्रिया करते हैं।
LOFAR ने रैड-बार्ग में शॉकवेव्स वाले जेट खोजे
रैड-बार्ग को सबसे पहले एक आम नागरिक ने पहचाना था। इसके बाद, LOFAR के लो-फ्रीक्वेंसी स्काई सर्वे का इस्तेमाल करके इसका गहन अध्ययन किया गया। इस सर्वे से ऐसे धुंधले विवरण भी सामने आए, जो सामान्य दूरबीनों से नहीं दिखते थे।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इसकी यह अनोखी आकृति इसलिए बनी है क्योंकि यह एक भीड़-भाड़ वाले आकाशगंगा क्लस्टर से सुपरसोनिक गति से गुजरी है।
इस तेज गति के कारण शॉकवेव्स पैदा होती हैं, जो इसके प्लाज्मा जेट्स को मोड़ती और दबाती हैं। सह लेखक प्रतीक दाभाडे के अनुसार, भविष्य के सर्वे में ऐसे कई और सिस्टम मिल सकते हैं, जिनसे जेट्स, आकाशगंगा और उनके वातावरण के बीच के आपसी तालमेल के बारे में और जानकारी मिलेगी।