1980 के दशक वाली AI तस्वीर बनाने वालों को साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने दी चेतावनी
1980 के दशक वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फोटो ट्रेंड इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। इसमें लोग अपनी सेल्फी या इमेज अपलोड करके पुरानी स्टाइल की तस्वीरें बनवा लेते हैं।
यह दिखने में तो खूब मजेदार लगता है, लेकिन इसने निजता को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, हुआ ये है कि ChatGPT और जेमिनी जैसे प्लेटफॉर्म आपकी तस्वीरें अपने पास सेव करके रखते हैं, भले ही आप उनका इस्तेमाल कर चुके हों।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ क्रिस्टीना पॉपर ने बताया है कि इन तस्वीरों में कई ऐसी संवेदनशील जानकारियां भी हो सकती हैं, जैसे कि वे कब और कहां ली गई थीं?
फोटो अपलोड करने से पहले करें विचार
आपकी जानकारी को कितने समय तक सेव रखा जाएगा, इसे लेकर हर ऐप के अपने नियम हैं। ChatGPT डिलीट किए गए डाटा को 30 दिनों तक अपने पास रखता है, वहीं जेमिनी उसे 18 महीने तक संभालता है।
अगर, कोई यूजर अपनी चैट को सिस्टम की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत देता है तो क्लाउड उनके पहचान रहित वर्जन को 5 साल तक अपने पास रख सकता है।
पॉपर की सलाह है कि ऐसे ट्रेंड्स का हिस्सा बनने से पहले थोड़ा रुककर सोचना बेहद जरूरी है। अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स का सही से इस्तेमाल करें और आप जो कुछ भी शेयर कर रहे हैं, उसके बारे में अच्छे से सोच-समझ लें।