चीन ने डाटा सेंटर बनाने के लिए चुना पश्चिम का ग्रामीण इलाका
चीन गुइझोऊ जैसे ग्रामीण इलाकों में बड़े-बड़े डाटा सेंटर बना रहा है। इसका मकसद उसकी बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) महत्वाकांक्षाओं को पूरा करना है।
गुइआन न्यू एरिया में बना हुआवे का विशाल सेंटर इस बात की मिसाल है कि देश अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को पश्चिम की तरफ ले जा रहा है।
ऐसा इसलिए हो रहा है, ताकि AI की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उन इलाकों का इस्तेमाल किया जा सके, जहां ज्यादा जमीन और बिजली आसानी से मिल जाती है।
डाटा सेंटर के लिए क्यों उपयुक्त है यह इलाका?
गुइझोऊ अपनी ठंडी जलवायु, रिन्यूएबल एनर्जी और खुली जगह के कारण डाटा सेंटर के लिए एक खास जगह है। यह बिजली की ज्यादा खपत करने वाली AI तकनीक के लिए एकदम सही माहौल देता है।
सरकार की योजना है कि अगले 5 सालों में डाटा सेंटर की क्षमता को लगभग दोगुना कर दिया जाए। साथ ही, इस दशक के अंत तक इसकी 80 फीसदी बिजली रिन्यूएबल स्रोतों से मिले।
इस विकास से इलाके में नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, सड़कें बेहतर हुई हैं और विश्वविद्यालय भी खुले हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों को इन सबसे कितना दीर्घकालिक आर्थिक फायदा मिलेगा, इस पर अभी भी काम जारी है।