ओडिशा की सेमीकंडक्टर क्लस्टर बनाने की योजना, सेमीकॉन 2.0 प्रोग्राम का उठाएगी फायदा
क्या है खबर?
ओडिशा की सरकार केंद्र के 'सेमीकॉन 2.0' प्रोग्राम के तहत एक बड़ा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वह कम से कम 3 और आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) और असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) कंपनियों को लाने का लक्ष्य बना रही है। प्रदेश इंडस्ट्रियल गैस, खास तरह के केमिकल और सेमीकंडक्टर बनाने वालों को जरूरी दूसरी चीजें सप्लाई करने वाली कंपनियों को भी लाने की कोशिश कर रहा है।
क्लस्टर
इसलिए सरकार बनाना चाहती है क्लस्टर
राज्य प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) बनाने वाली कंपनियों, गैलियम नाइट्राइड और सिलिकॉन कार्बाइड जैसे मटीरियल पर काम करने वाली कंपनियों को भी आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
ओडिशा के उद्योग और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा, "हम क्लस्टर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारा मानना है कि हमें कम से कम 3 और OSAT/ATMP कंपनियों की जरूरत है।"
रणनीति
क्या है राज्य सरकार की रणनीति?
सेमीकॉन 2.0 के तहत राज्य की रणनीति बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर बनाने वाले प्लांट को आकर्षित करने पर केंद्रित नहीं है।
इसके बजाय शर्मा ने बताया कि ओडिशा उद्योग के बीच के हिस्से पर ध्यान दे रहा है।
बड़े नामों के बजाय ऐसी कंपनियां, जो दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर फैब (निर्माण यूनिट) के लिए जरूरी बड़े पैमाने और भारी निवेश के बिना भी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की जरूरतों को पूरा कर सकती हैं।