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ChatGPT हेल्थ आपातकालीन चिकित्सा हालात पहचानने में कर रहा संघर्ष- अध्ययन
ChatGPT हेल्थ आपातकालीन चिकित्सा हालात पहचानने में कर रहा संघर्ष

ChatGPT हेल्थ आपातकालीन चिकित्सा हालात पहचानने में कर रहा संघर्ष- अध्ययन

Mar 05, 2026
04:54 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स पर हर समय भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। हाल ही में आई एक नए अध्ययन में ऐसा ही दावा किया गया है। इस अध्ययन में OpenAI के हेल्थ से जुड़े चैटबॉट ChatGPT हेल्थ की क्षमता को परखा गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कई मामलों में यह टूल मेडिकल आपातकाल की गंभीरता को सही तरीके से नहीं पहचान पाया, जिससे मरीज को सही समय पर जरूरी सलाह नहीं मिल सकी।

परीक्षण

अध्ययन में कैसे किया गया परीक्षण?

यह रिसर्च नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसमें वैज्ञानिकों ने ChatGPT हेल्थ को 60 अलग-अलग असली मेडिकल परिस्थितियां बताईं और उसके जवाबों की तुलना तीन डॉक्टरों की सलाह से की है। डॉक्टरों ने तय मेडिकल गाइडलाइन के आधार पर इन मामलों का आकलन किया था। इस प्रक्रिया से यह समझने की कोशिश की गई कि AI चैटबॉट मरीज की स्थिति को कितनी सही तरह से समझ पाता है और क्या वह सही सलाह देता है।

प्रदर्शन

कई मामलों में इमरजेंसी को नहीं पहचान पाया

अध्ययन में पाया गया कि ChatGPT हेल्थ कई बार गंभीर मामलों को सही तरीके से पहचान नहीं पाया। लगभग 51 प्रतिशत आपातकाल मामलों में उसने स्थिति की गंभीरता को कम करके आंका। जहां मरीज को तुरंत अस्पताल जाने की सलाह देनी चाहिए थी, वहां बॉट ने अक्सर 24 से 48 घंटे में डॉक्टर से मिलने की सलाह दी। उदाहरण के तौर पर सांस लेने में परेशानी और डायबिटिक कीटोएसिडोसिस जैसे मामलों में भी सही इमरजेंसी सलाह नहीं दी गई।

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सलाह

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि AI टूल्स से जानकारी लेना मददगार हो सकता है, लेकिन इन्हें डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अध्ययन में शामिल वैज्ञानिकों ने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़े फैसलों में AI का इस्तेमाल करने से पहले और अधिक परीक्षण जरूरी हैं। खासकर आपातकाल स्थितियों में लोगों को सीधे डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि AI टूल हर स्थिति को पूरी तरह सही ढंग से समझ नहीं पाते।

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