IISc का CeNSE गढ़ रहा भारत के डीप टेक का भविष्य
बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) में बना सेंटर फॉर नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग (CeNSE) भारत के डीप टेक क्षेत्र को लगातार मजबूती दे रहा है।
2010 से ही यह शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स के लिए एक मुख्य केंद्र बन गया है, जहां बड़े वैज्ञानिक विचारों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं का हल बनाने की कोशिश की जाती है।
यहां शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक लैब, क्लीनरूम और हर तरह की मदद मिलती है, खासकर उन लोगों को, जो स्वास्थ्य, ऊर्जा या नैनो तकनीक जैसे अहम क्षेत्रों में कुछ नया करना चाहते हैं।
उपयोगी प्रोजेक्ट्स को CeNSE को सहयोग
CeNSE कई ऐसे शानदार प्रोजेक्ट्स को सहारा दे रहा है, जो धरातल पर असर डाल रहे हैं। इनमें से एक आगमीसेक सस्ते DNA टेस्ट बना रहा है, ताकि सिर्फ एक खून के नमूने से बीमारियों को शुरुआती दौर में ही पहचाना जा सके।
दूसरी तरफ, प्रवाहा बायो 'ऑर्गन-ऑन-चिप' प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है, जिससे दवाओं की जांच ज्यादा सुरक्षित और सटीक हो सकेगी।
ABX3 PV भारत में ही हल्के सोलर सेल तैयार कर रहा है, जिससे महंगे ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम हो सकेगी। CeNSE के इस सहयोग से ये स्टार्टअप्स जटिल रिसर्च को ऐसे उपयोगी समाधानों में बदल रहे हैं, जिनका लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।