कैलिफोर्निया में ओरा रिंग पर मुकदमा, गलत दावे कर ग्राहकों को गुमराह करने का आरोप
मशहूर स्मार्ट रिंग बनाने वाली औरा कंपनी पर कैलिफोर्निया में दायर मुकदमे में यह आरोप लगा है कि वह नींद के चरणों (स्लीप स्टेज) को ट्रैक करने की सटीकता के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावे करती है।
मुकदमे में कहा गया है कि कंपनी के मार्केटिंग में किए गए वादे, जैसे 'बेमिसाल सटीकता' और 'क्लिनिकल स्लीप स्टडीज से 95 फीसदी बेहतर' होने का दावा असल में रिंग की क्षमता से मेल नहीं खाते। दरअसल, रिंग में क्लिनिकल-ग्रेड सेंसर नहीं लगे हैं, जो इसे इतना सटीक बना सकें।
कंपनी ने आरोपों का किया बचाव
यह मुकदमा कैलिफोर्निया के एक शख्स ने दायर किया है, जिसने 2025 में औरा रिंग के लिए 513.68 डॉलर (करीब 49,000 रुपये) चुकाए थे।
औरा अपनी टेक्नोलॉजी पर कायम है और कहती है कि उनके रिंग दिल की धड़कन, सांस लेने की दर और शरीर के तापमान का इस्तेमाल करके नींद के चरणों का अनुमान लगाते हैं और इन अनुमानों को स्वतंत्र अध्ययनों का समर्थन भी मिला है।
हालांकि, औरा यह भी मानती है कि ये डिवाइस वास्तविक मेडिकल टेस्ट का विकल्प नहीं हैं। यह मुकदमा अभी चल रहा है और कंपनी अदालत में अपना बचाव करने की योजना बना रही है।